March 27, 2026 10:43 pm
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दिल्ली/NCR

नोएडा मर्डर मिस्ट्री: अंधेरे में गायब हुई वो काली स्कॉर्पियो, 144 घंटे बाद भी पुलिस के पास कोई सुराग नहीं

नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में बाइक सवार दो छात्रों की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. पुलिस जहां इसे सड़क हादसा बता रही है, वहीं मृतकों के परिजन इसे सोची-समझी हत्या करार दे रहे हैं. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं. जांच के दौरान पुलिस ने 20 से ज्यादा काली स्कॉर्पियो गाड़ियों की जांच की सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन अब तक न तो आरोपी चालक पकड़ा गया और न ही वारदात की गुत्थी सुलझ पाई है.

क्या था पूरा मामला?

यह घटना 30 दिसंबर की देर रात की है. सेक्टर-37 स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल के सामने बाइक सवार दो दोस्त अपने एक मित्र की बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे. इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई काली स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

हादसे से पहले मृतक बसंत ने अपने छोटे भाई धीरज को फोन कर बताया था कि एक काली गाड़ी उनका पीछा कर रही है और कार सवार युवकों से कहासुनी हुई है. कुछ ही देर बाद धीरज को सूचना मिली कि उसका भाई सड़क पर बेसुध पड़ा है. जब उसने गोद में उठाया तब तक बसंत की सांसें थम चुकी थीं. धीरज ने रोते हुए केन्या में काम कर रहे पिता को फोन कर कहा पापा भैया की सांस नहीं चल रही जल्दी आइए.

हादसे से पहले झगड़ा?

परिजन का आरोप है कि हादसे से कुछ देर पहले सेक्टर-30 में एक पराठे की दुकान पर बाइक सवार युवकों का काली स्कॉर्पियो में सवार लोगों से झगड़ा हुआ था. इसके बाद उसी कार ने पीछा कर जानबूझकर बाइक को टक्कर मारी. परिजनों का कहना है कि यह सामान्य हादसा नहीं, बल्कि रंजिश में की गई हत्या है. पुलिस द्वारा जब इसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिजनों ने जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने नोएडा और आसपास के इलाकों में 20 से अधिक काली स्कॉर्पियो गाड़ियों की जांच की. कई वाहनों के नंबर डेंट और सीसीटीवी मूवमेंट को मिलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है. परिजन सवाल उठा रहे हैं कि जब फुटेज मौजूद हैं फिर आरोपी तक पहुंचने में देरी क्यों हो रही है.

पुलिस के हाथ अबतक खाली

एसीपी नोएडा प्रवीण सिंह का कहना है कि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और वाहन डेटा की जांच जारी है. अब तक इस मामले में 20 स्कॉर्पियो को आईडेंटिफाई किया गया है, लेकिन रात के समय आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में उसका नंबर साफ नहीं आ पाया है वहीं पुलिस ने कई स्कॉर्पियो गाड़ियों के भी डेंट चेक किए हैं और आसपास की मार्केट में भी यह पता लगाने की कोशिश की है कि कहीं कोई स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त ठीक होने तो नहीं आई है.

कौन थे हादसे में जान गंवाने वाले दोनों छात्र?

इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाले दोनों युवक आपस में गहरे दोस्त थे और रोज़गार के सिलसिले में नोएडा में रह रहे थे. दोनों ही मेहनतकश परिवारों से ताल्लुक रखते थे और बेहतर भविष्य की तलाश में घर से दूर रहकर काम कर रहे थे. हादसे में जान गंवाने वाले पहले युवक की पहचान बसंत खत्री के रूप में हुई है. बसंत मूल रूप से नेपाल के दांग जिले का रहने वाला था. वह पिछले कुछ समय से नोएडा के निठारी गांव में किराए पर रह रहा था.

बसंत होटल मैनजमेंट की पढ़ाई कर रहा था और एक जगह नौकरी भी कर रहा था इसके साथ वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था. उसके पिता हरी बहादुर खत्री केन्या में सेफ्टी गार्ड की नौकरी करते हैं. बसंत परिवार का सहारा था और जल्द ही बेहतर नौकरी की तैयारी में जुटा हुआ था. परिजनों के मुताबिक बसंत शांत स्वभाव का था और किसी से झगड़ा नहीं रखता था.

दूसरे मृतक युवक की पहचान रोहन मंडल के रूप में हुई है. रोहन मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के मूल निवासी है वह भी नोएडा के निठारी गांव में बसंत के साथ किराए पर रहता था. रोहन एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रहा था और परिवार की मदद के लिए नियमित रूप से पैसे भेजता था. परिवार का कहना है कि रोहन मेहनती और जिम्मेदार युवक था. जिसने कम उम्र में ही कामकाज की जिम्मेदारी उठा ली थी.

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