March 29, 2026 6:40 pm
ब्रेकिंग
Jharkhand Ramnavami Celebration: हजारीबाग की सड़कों पर उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, रामनवमी जुलूस की धूम Courier Drug Trafficking: पोस्ट ऑफिस के जरिए हो रही नशीले पदार्थों की सप्लाई, पुलिस ने शुरू किया विश... खौफनाक साजिश! प्रेमिका ने ही प्रेमी से कहा- 'मेरे होने वाले ससुर को उड़ा दो', फायरिंग के बाद दोनों ग... Bageshwar Dham Sarkar News: छत्तीसगढ़ के छुरी पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, शादी को लेकर कही यह बा... Jail Guard Suspended: कैदी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोप में दो जेल प्रहरी सस्पेंड, जांच के आदेश बंदूकों से ज्यादा घातक साबित हो रहे जमीन में दबे IED! 25 साल में 1,277 धमाके, जानें क्यों थमी नहीं ह... Sukma Encounter: सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, माओवादियों का सेक्शन कमांडर ढेर छत्तीसगढ़ में माता कर्मा जयंती की भव्य तैयारियां! मुख्य अतिथि होंगे CM विष्णुदेव साय, जानें कार्यक्र... छत्तीसगढ़ की निकिता ने वेटलिफ्टिंग में सोना जीतकर रचा इतिहास! खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्... Khelo India Tribal Games 2026: तैराकी में ओडिशा का दबदबा, खिलाड़ियों ने जीते 3 गोल्ड मेडल
हिमाचल प्रदेश

Jammu Kashmir High Alert: जम्मू-कश्मीर में 11 से 14 फरवरी तक हाई अलर्ट, खुफिया इनपुट के बाद बढ़ा आतंकी खतरा

कश्मीर घाटी पर एक बार आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि खुफिया एजेंसियों ने कश्मीर घाटी में संभावित आतंकी खतरों को लेकर चेतावनी जारी की है. एजेंसियों के इनपुट के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि 11 फरवरी से 14 फरवरी के बीच कई संवेदनशील तारीखें एक साथ पड़ रही हैं.

जारी एडवाइजरी में आशंका जताई गई है कि आतंकी संगठन इस दौरान हमलों की कोशिश कर सकते हैं. चेतावनी में कहा गया है कि IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस), VBIED (वाहन में लगाए गए विस्फोटक), ग्रेनेड हमले या टारगेट किलिंग जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

अधिकारियों ने दो खास तारीखों को बताया संवेदनशील

11 फरवरी को मकबूल भट की 1984 में हुई फांसी की बरसी है, जिसे अलगाववादी तत्व प्रतीकात्मक रूप से इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं. वहीं 14 फरवरी को साल 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले की बरसी है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. इस घटना की बरसी को भी आतंकी संगठन भड़काऊ गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.

सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है. संवेदनशील इलाकों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षाबलों की आवाजाही वाले मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या नजदीकी सुरक्षा एजेंसी को दें.

पहलगाम हमले के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी घाटी में कई ऑपरेशन चला दर्जनों एनकाउंटर किए हैं. लेकिन फिर भी घुसपैठ की कोशिश लगातार जारी हैं. आने वाली सावेंदनशील तारीखों को ध्यान में रख सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस अलर्ट पर है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

Related Articles

Back to top button