Lok Sabha Session: लोकसभा में गूंजेगा नक्सलवाद का मुद्दा, गृह मंत्री अमित शाह बताएंगे नक्सलवाद खत्म करने का मास्टर प्लान

लोकसभा में कल (सोमवार, 30 मार्च ) देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा होगी. लोकसभा के नियम 193 (short duration discussion) के तहत ये अहम चर्चा होगी. कार्यसूची के अनुसार, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे नियम 193 के तहत अल्पकालिक चर्चा की शुरू करेंगे. जिसके बाद सरकार नक्सलियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन का पूरा खाका सदन में पेश करेगी.
अमित शाह देंगे जवाब
इस बहस में सरकार की रणनीति, सुरक्षा बलों की भूमिका और प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध मिली अब तक सफलता पर जवाब देंगे. शाह द्वारा उग्रवाद मुक्त भारत के लिए तय किए गए 31 मार्च की समयसीमा से पहले यह अहम चर्चा होने जा रही है.
नक्सलवादियों के विरुद्ध कार्रवाई
दरअसल गृहमंत्री अमित शाह ने देश को वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त करने की बात एक साल पहले कही थी. उन्होंने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सल आतंक से मुक्त हो जाएगा. तब से सुरक्षाबलों द्वारा लगातार नक्सलवादियों के विरुद्ध कार्रवाई चल रही है.
कई नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
पिछले एक साल में कई सारे नक्सली मारे गए हैं , वहीं बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर हथियार डाल चुके दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं. 25 मार्च को वांछित माओवादी नेता सुक्रू ने चार अन्य लोगों के साथ ओडिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था. वहीं 24 मार्च को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के वरिष्ठ कमांडर पापा राव ने अपने 17 सदस्यों के साथ सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया था.
अब कुछ गिने चुने नक्सली ही बचे हैं, वो भी निष्क्रिय हालत में हैं. उनको लेकर गृहमंत्री विस्तृत जानकारी लोकसभा में दे सकते हैं. केंद्र सरकार की ओर से नक्सलवादियों पर भविष्य की कार्रवाई और योजनाओं पर जानकारी दी जा सकती है. नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों की एक नई समीक्षा के बाद देश में नक्सली उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या आठ से घटकर सात हो गई है.





