Nuh Police Action: फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़! नूंह पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा
नूंह: साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है. डीएसपी अक्षय नरवाल ने बताया कि “पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अर्पित जैन के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत अपराध शाखा और साइबर थाना की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. पुलिस का फोकस खासतौर पर उन गिरोहों पर है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों को निशाना बना रहे हैं.”
फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को बनाते थे शिकार: जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी बेहद चालाक तरीके से ठगी को अंजाम देते थे. मुरसलीम अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था और सोशल मीडिया पर नकली प्रोफाइल बनाता था. इन प्रोफाइल के जरिए वो लोगों से संपर्क कर उन्हें भरोसे में लेता और फिर पैसों की ठगी करता था. वहीं जावेद भी इसी तरह की रणनीति अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. दोनों आरोपी ऑनलाइन दुनिया का गलत फायदा उठाकर लंबे समय से ठगी कर रहे थे.
पुलिस ने ऐसे किया आरोपियों को गिरफ्तार: पुलिस को गश्त के दौरान आरोपियों के ठिकानों के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी. साथ ही साइबर पोर्टल पर भी इनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज थीं, जिससे पुलिस को इनके नेटवर्क का अंदाजा हुआ. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और मुरसलीम व जावेद को उनके अलग-अलग ठिकानों से दबोच लिया. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से कई फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए, जो इनके अपराध में इस्तेमाल हो रहे थे.
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी: इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक और आरोपी यूसुफ को भी गिरफ्तार किया है, जो वर्ष 2025 के एक पुराने मामले में वांछित था. यूसुफ, जो पलवल जिले के हथीन थाना क्षेत्र का निवासी है, पहले से ही पुलिस की नजर में था. उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पुराने मामले की भी गहराई से जांच कर रही है ताकि उससे जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके.
आगे भी जारी रहेगा साइबर अपराधियों पर शिकंजा: नूंह डीएसपी अक्षय नरवाल कहना है कि “साइबर अपराधियों के खिलाफ ये अभियान लगातार जारी रहेगा. पुलिस आम लोगों से भी अपील कर रही है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी साझा ना करें. साथ ही किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके.”
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