भूपेश बघेल का केंद्र पर हमला: ‘बिना जनगणना के महिला आरक्षण लागू करना धोखा है, यह सामाजिक न्याय के खिलाफ’
सक्ती: वेदांता पावर प्लांट हादसे में मरने वालों संख्या बढ़कर 24 हो गई है. रविवार को एक मजदूर ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया. मृतक मजदूर का नाम मनीष कुमार था. मजदूर मनीष कुमार पड़ोसी राज्य झारखंड के रहने वाले थे. वेदांता पावर प्लांट हादसे में घायल हुए 10 मजदूरों का अभी भी इलाज जारी है. घायलों में तीन की हालत गंभीर है. गंभीर रुप से घायल मजदूरों की डॉक्टर लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वहीं एक घायल मजदूर को स्वस्थ हो जाने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है. सभी घायलों का इलाज रायपुर और रायगढ़ के अस्पतालों में चल रहा है.
14 अप्रैल को हुआ था बॉयलर फटने से हादसा
मंगलवार 14 अप्रैल को सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ पावर प्लांट के अंदर बॉयलर में ब्लास्ट हुआ था. इस ब्लास्ट में प्लांट में काम कर रहे 35 कर्मचारी चपेट में आए थे. हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही 4 मजदूरों ने दम तोड़ दिया था. वहीं 15 मजदूर गंभीर रुप से झुलसे थे. जिनका इलाज बर्न केयर यूनिट में चल रहा था.
हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट ने किया आर्थिक मदद का ऐलान
कंपनी की ओर से सभी मृतक परिवार को 35-35 लाख और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया है. वहीं सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता राशि दी जा रही है. पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार दिए जा रहे हैं.
प्रबंधन के खिलाफ दर्ज की गई है FIR
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. कांग्रेस पार्टी ने भी इसे बड़ी लापरवाही करार देते हुए कहा है कि ये उप्पादन क्षमता को बढ़ाने के चक्कर में मजदूरों की जान से खिलवाड़ किया गया.
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