IPL 2026: बुमराह और पंड्या से बेहतर रिकॉर्ड, फिर भी शार्दुल ठाकुर को क्यों नजरअंदाज किया? कप्तान के फैसले पर उठे सवाल
मुंबई: आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या का एक फैसला फैंस और क्रिकेट जानकारों के गले नहीं उतर रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मुकाबले में मुंबई ने ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर मैदान पर उतारा, लेकिन हैरानी तब हुई जब मैच खत्म होने तक शार्दुल को न तो बल्लेबाजी का मौका मिला और न ही एक भी ओवर गेंदबाजी करने को दी गई। आईपीएल इतिहास में यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने इम्पैक्ट प्लेयर का इतना ‘बेअसर’ इस्तेमाल किया हो।
आंकड़े गवाह: बुमराह और पंड्या से बेहतर प्रदर्शन
शार्दुल ठाकुर को नजरअंदाज करने का फैसला इसलिए भी अजीब है क्योंकि उनका मौजूदा आईपीएल सीजन काफी अच्छा रहा है।
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विकेट लेने की क्षमता: शार्दुल ने इस सीजन के 7 मैचों में 6 विकेट चटकाए हैं, जो मुंबई के मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (जिन्होंने टीम के लिए कम विकेट लिए) और खुद हार्दिक पंड्या (4 विकेट) से बेहतर रिकॉर्ड है।
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जरूरत कब थी? जिस मैच में मुंबई के बाकी धुरंधर गेंदबाज जैसे ट्रेंट बोल्ट, बुमराह और खुद हार्दिक पंड्या जमकर रन लुटा रहे थे, वहां शार्दुल जैसे ‘पार्टनरशिप ब्रेकर’ गेंदबाज को इस्तेमाल न करना टीम प्रबंधन की बड़ी चूक माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
फैंस इस फैसले से बेहद नाराज हैं और सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शार्दुल ठाकुर को टीम में शामिल ही क्यों किया गया था? अगर टीम को उनकी गेंदबाजी या बल्लेबाजी की जरूरत नहीं थी, तो उन्हें मैदान पर उतारकर बेंच पर बैठे किसी अन्य खिलाड़ी की जगह क्यों ली गई?
एक ‘मिस्ट्री’ बनकर रह गई यह रणनीति
जहां सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुंबई इंडियंस के गेंदबाज विकेट के लिए संघर्ष करते रहे और रन लुटाते रहे, वहीं शार्दुल का डगआउट में खड़े रहना कई क्रिकेट विशेषज्ञों के लिए एक पहेली बन गया है। पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई इंडियंस को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है, क्योंकि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम का मकसद खेल का रुख बदलना होता है, न कि उसे सिर्फ कागजों पर इस्तेमाल करना।
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