Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana Politics: 'धमकी देने वाले 24 घंटे में होते हैं जेल के अंदर', दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर शिक्... Kurukshetra News: धर्मनगरी में 'राम भरोसे' सुरक्षा; नगर परिषद में 4 साल से एक्सपायर पड़े हैं अग्निशमन... Haryana High Court: दुष्यंत चौटाला मामले में हाईकोर्ट सख्त, हिसार SP की दलीलों पर उठाए सवाल; पुलिस क... Kaithal Road Accident: कैथल में दर्दनाक सड़क हादसा; दूध लेकर घर लौट रहे किशोर की मौत, परिवार में मचा... Haryana Police Update: DGP के सुरक्षाकर्मी की इलाज के दौरान मौत; सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में था... Charkhi Dadri Crime: ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर महिला पंच ने दी जान; पति और सास समेत 4 पर ... Indri News: इंद्री के सरकारी स्कूल में शिक्षकों और हेडमास्टर के बीच तकरार; गेस्ट टीचरों ने लगाया प्र... Haryana Politics: नगर निगम चुनाव से तय होगी प्रदेश की सियासी दिशा; भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बड़ा बयान Hazaribagh Crime: हजारीबाग में ज्वेलरी दुकानदार से बड़ी लूट; बाइक की डिक्की से 25 लाख के गहने लेकर फ... Excise Constable Exam: उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी गिरफ्तारी; बंगाल का सरकारी क्लर...

Google Chrome Alert: सावधान! बिना परमिशन 4GB की फाइल डाउनलोड कर रहा है क्रोम; जानें क्या है यह पूरा मामला

Google अपने Chrome ब्राउजर के जरिए कुछ यूजर्स के कंप्यूटर पर एक खास फाइल को डाउनलोड कर रहा है. सिक्योरिटी रिसर्चर Alexander Hanff ने इस बात का दावा किया है कि बिना परमिशन मांगे ही 4GB का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल डाउनलोड किया जा रहा है. रिसर्चर का कहना है कि Chrome, एलिजिबल लैपटॉप और डेस्कटॉप पर बैकग्राउंड में चुपचाप Gemini Nano AI सिस्टम से जुड़ी एक फ़ाइल इंस्टॉल कर रहा है.

बिना परमिशन, सिस्टम में डाउनलोड हो रही फाइल

Hanff की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राउजर सबसे पहले यह जांचता है कि क्या डिवाइस हार्डवेयर जरूरतों को पूरा करता है, अगर हां तो वह अपने-आप AI मॉडल को डाउनलोड कर लेता है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई यूजर्स को शायद इस फाइल के मौजूद होने का पता भी न चले, जब तक कि वह स्टोरेज स्पेस में कमी या डेटा के असामान्य रूप से ज्यादा इस्तेमाल को नोटिस न करें.

Hanff का दावा है कि यह AI मॉडल Chrome की ऑन-डिवाइस AI क्षमताओं से जुड़ा है, जिसमें लिखने में मदद और ब्राउजर के अन्य AI-पावर्ड टूल्स शामिल हैं. रिसर्चर का तर्क है कि यूजर्स को साफ तौर पर यह नहीं बताया जाता कि एक मल्टी-गीगाबाइट AI मॉडल उनके डिवाइस पर लोकल रूप से स्टोर किया जा रहा है.

रिसर्चर ने की जांच और सामने आया ये सच

यह जांचने के लिए कि क्या Google सचमुच Chrome के ज़रिए फाइल डाउनलोड कर रहा था, Hanff ने बताया कि उन्होंने एक कंट्रोल्ड macOS टेस्ट किया, जिसमें उन्होंने एक नया Chrome प्रोफ़ाइल बनाया और फ़ाइल सिस्टम एक्टिविटी लॉग पर नज़र रखी. उनके नतीजों के मुताबिक, Chrome ने ‘OptGuideOnDeviceModel’ नाम का एक फोल्डर बनाया और बिना किसी यूजर इंटरैक्शन के पूरा 4GB पेलोड डाउनलोड कर लिया. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में 14 मिनट से कुछ ज्यादा समय लगा और डाउनलोड शुरू होने से पहले ही क्रोम ने मशीन की हार्डवेयर क्षमताओं का आकलन कर लिया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.