Jharkhand Politics: बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन को लिखा पत्र; CCTV इंस्टॉलेशन में बड़े भ्रष्टाचार की जताई आशंका
रांची: सीसीटीवी इंस्टॉलेशन में भ्रष्टाचार की आशंका को लेकर पूर्व सीएम सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. बाबूलाल मरांडी द्वारा लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि इस मामले में जो स्थिति दिख रही है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.
तीन पेज के पत्र में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि “माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के संबंध में हमने आपको एक पत्र लिखा था, हमेशा की तरह आपने और आपके कार्यालय ने उस लेटर पर कोई उत्तर नहीं भेजा.”
पूजा सिंघल पर भ्रष्टाचार के आरोप
बाबूलाल मरांडी पत्र में लिखा कि, “मुझे अभी पता चला है कि हमारे पत्र के बाद निविदा को निरस्त कर दिया गया है और घोटाले को अंजाम देने के लिए पुनः निविदा निकाली गई है, जो कई प्रकार से शराब घोटाले की तरह ही किसी खास संस्थान को देने की तैयारी में है. संस्थान का नाम टाटा एडवांस सिस्टम एवं इस सिंडिकेट के लोग मिलकर लेंगे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस विभाग में पूजा सिंघल जैसी भ्रष्ट अधिकारी पदस्थ होगी, आप से कुछ और उम्मीद भी नहीं की जा सकती है.”
जितना बड़ा अधिकारी उतना बड़ा भ्रष्टाचारी: बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में लिखा है कि, “पुराने निविदा जिसको निरस्त किया गया है, के संबंध में एक पत्र मुझे प्राप्त हुआ है जिसमें संयुक्त सचिव (सूचना तकनीकी विभाग) ने पत्रांक संख्या IT/CCTV/PoL/1/2025-DoIT-Section-326 26/2/26 को सीईओ JAPIT के पत्र के उत्तर में लिखा है, जो आरोप सीडीओ पर लगाए गए हैं, वो बहुत गंभीर हैं तथा इससे पूरा विषय संदिग्ध बनता है.”
अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?
बाबूलाल में लिखा, “विभागीय मंत्री होने के नाते आप अपने दायित्वों से बच नहीं सकते. आपने गलत निविदा प्रकाशन एवं सांठगांठ में शामिल अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की है? सिर्फ निविदा निरस्त करने से काम नहीं होगा अगर आप इसमें शामिल नहीं हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई कीजिए. जैसा कि मुझे ज्ञात हुआ है कि संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर फाइल बढ़ाई गई है सभी कर्मचारी डरे हुए हैं.”
संविदा कर्मचारियों के समर्थन में आए बाबूलाल मरांडी
“संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को सिर्फ छह महीने की सेवा विस्तार दी गई है जबकि पूर्व में कम से कम दो साल का विस्तार देने की परंपरा रही है और सबको धमकी दी जा रही है कि अगर कोई कर्मचारी इस गड़बड़ी का विरोध करेगा तो उसको सेवा विस्तार नहीं मिलेगा. जैसा कि मैंने शराब घोटाले से पहले भी आपको पत्र लिखकर आगाह किया था लेकिन आपने संज्ञान नहीं लिया, जिसका परिणाम आपके सामने है.”
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कब?
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि मुझे पता है कि आप फिर उसी नक्शे कदम पर चल रहे हैं. विभागीय पदाधिकारी आपको धोखे में रखकर एक बड़ा घोटाला करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसका परिणाम शराब घोटाले की तरह ही होने वाला है. आपसे अपेक्षा करता हूं कि CCTV अधिष्ठापन में भ्रष्टाचार की आशंका को देखते हुए तुरंत इस निविदा को रद्द कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे नहीं तो भ्रष्टाचार की लपटे फिर आप तक पहुंच सकती हैं.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.