Jamshedpur Jugsalai Firing: जुगसलाई में रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश; 4 पिस्टल के साथ 6 बदमाश गिरफ्तार
जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर (लोहनगरी) के व्यस्ततम जुगसलाई थाना क्षेत्र में एक कपड़े की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले एक बेहद शातिर और पेशेवर आपराधिक गिरोह का जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले की विस्तृत आधिकारिक जानकारी देते हुए सिटी एसपी (City SP) ने बताया कि जुगसलाई में व्यवसायियों को डरा-धमकाकर मोटी रंगदारी (Extortion) वसूलने के नियत से इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गैंग के मुख्य सरगना सहित कुल छह सक्रिय आरोपियों को भारी मात्रा में अवैध आधुनिक हथियारों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
🔫 हमले में बाल-बाल बचा था कपड़ा व्यवसायी: सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और तकनीकी सेल की मदद से हुई आरोपियों की सटीक पहचान
गौरतलब है कि बीते 15 मई को जुगसलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक मुख्य बाजार में स्थित कपड़े की दुकान में बाइक और कार सवार बेखौफ आरोपियों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। इस अचानक हुए जानलेवा हमले में पीड़ित दुकानदार बेहद खुशकिस्मती से बाल-बाल बच गया था, लेकिन गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई थी। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद सभी आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आसपास की दुकानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। फुटेज के जरिए पुलिस को आरोपियों की हुलिया, उनके वाहनों के नंबर और पूरी गतिविधियों के पुख्ता सबूत मिले, जिसके आधार पर जाल बिछाकर छह आरोपियों को दबोच लिया गया।
🚗 अपराधियों के पास से 4 देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस और मैगजीन समेत भारी सामान बरामद: एसएसपी के निर्देश पर बनी थी विशेष टीम
सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस दुस्साहसिक घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए एसएसपी (SSP) के कड़े दिशा-निर्देशों पर एक हाईटेक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इस विशेष टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर सभी छह आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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🔫 अवैध हथियार: 4 लोडेड देसी पिस्टल।
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🔥 कारतूस: 5 जिंदा गोलियां (अम्युनिशन) और 3 खाली मैगजीन।
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📁 अन्य साक्ष्य: घटनास्थल से बरामद 1 खोखा, वारदात में इस्तेमाल की गई 1 कार और विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन।
📋 अभिषेक श्रीवास्तव और राहुल सहित गिरफ्तार सभी 6 आरोपियों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास: अन्य सदस्यों की तलाश जारी
सिटी एसपी ललित मीणा ने मीडिया के समक्ष गिरफ्तार किए गए सभी कुख्यात आरोपियों के नामों का खुलासा किया। पकड़े गए बदमाशों में अभिषेक श्रीवास्तव, राहुल कुमार, हरप्रीत सिंह भामराह, राहुल सिंह, अंकित सोनकर और बानेश्वर नामता शामिल हैं। पुलिस की प्रारंभिक और कड़ाई से की गई जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपियों का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास (Criminal History) रहा है। इनके खिलाफ जमशेदपुर, रांची और आसपास के जिलों के कई अलग-अलग थानों में हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूटपाट और रंगदारी जैसे संगीन मामलों के मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं।
💰 इलाके में दहशत फैलाकर व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी वसूलना था मुख्य मकसद: सिटी एसपी ललित मीणा का सख्त बयान
सिटी एसपी ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया है कि उनका मुख्य मकसद शहर के बड़े व्यापारियों और दुकानदारों के मन में अपनी गैंग का खौफ पैदा करना था, ताकि वे आसानी से मांग के मुताबिक लाखों-करोड़ों रुपये की रंगदारी दे सकें। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जमशेदपुर में किसी भी अपराधी या गैंग को पनपने नहीं दिया जाएगा और व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में पुलिस आगे की कानूनी और रिमांड आधारित जांच कर रही है, और इस गिरोह को आर्थिक व हथियारों की मदद पहुंचाने वाले पर्दे के पीछे के अन्य स्लीपर सेल और सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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