Haryana Water Crisis: पेयजल आपूर्ति में लापरवाही पड़ी भारी; हरियाणा सरकार ने 4 अधिकारियों को किया सस्पेंड
चंडीगढ़: हरियाणा में भीषण गर्मी और आगामी जल संकट की संभावना को देखते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने साफ कर दिया है कि गर्मी के सीजन में प्रदेश के हर नागरिक को बिना किसी रुकावट के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
⚖️ लापरवाही पर गिरेगी गाज: सस्पेंशन और चार्जशीट
समीक्षा बैठक के दौरान पेयजल आपूर्ति में कमी और लापरवाही पाए जाने पर मंत्री ने त्वरित कार्रवाई की। हांसी और चरखी दादरी के दो एसडीओ (SDO) और दो जेई (JE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, आदमपुर के एक एसडीओ और एक जेई को विभागीय चार्जशीट जारी की गई है। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी जलापूर्ति को लेकर लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों पर और भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🚫 फील्ड में रहने के निर्देश और रद्द हुईं छुट्टियां
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुख्यालय पर उपस्थित रहें और नियमित रूप से ‘फील्ड विजिट’ करें। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे सीधे जनता की समस्याओं को सुनें और उनका त्वरित समाधान करें। जनप्रतिनिधियों द्वारा मिलने वाली शिकायतों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है।
🚰 जल संरक्षण और हर घर तक पानी का लक्ष्य
बैठक का मुख्य फोकस पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर रहा। सरकार का संकल्प ‘हर घर तक स्वच्छ पेयजल’ पहुँचाना है। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार जल निकासी व्यवस्था और आगामी फ्लड सीजन की तैयारियों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों को जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राज्य में पानी की किल्लत न हो।
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