Bhopal Cyber Crime: भोपाल में साइबर ठगों का बड़ा हमला; डॉक्टर और एम्स अधिकारी समेत 5 लोगों से लाखों की धोखाधड़ी
राजधानी भोपाल में हाई-टेक साइबर अपराधियों ने एक बार फिर से अपना जाल फैलाया है। महज 24 घंटे के भीतर ठगी की 5 बड़ी वारदातों ने आम जनता के साथ-साथ विशेषज्ञों और अधिकारियों को भी सकते में डाल दिया है। हबीबगंज और बागसेवनिया थाना क्षेत्रों में दर्ज हुई इन एफआईआर से साफ है कि ठग अब बिजली बिल, खतरनाक ‘APK फाइल’ और सरकारी अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
⚡ केस 1: बिजली बिल अपडेट के नाम पर डॉक्टर से 1.63 लाख की ठगी
चिरायु अस्पताल के डॉ. आजाद कुमार कछवाहा को बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर कॉल आया। एक लिंक अपडेट कराते ही उनके बैंक खाते से 1.63 लाख रुपये पार कर दिए गए।
📱 केस 2: APK फाइल डाउनलोड करते ही एम्स अधिकारी को 1.70 लाख का नुकसान
एम्स भोपाल के अधिकारी नंदकिशोर गोयल को भेजी गई एक एपीके फाइल ने उनका फोन हैक कर लिया। ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से 1.70 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन कर डाली।
👮 केस 3: ‘क्राइम ब्रांच’ की धमकी देकर 1 लाख ऐंठे
बागसेवनिया निवासी सोनू कुमार को ‘दिल्ली क्राइम ब्रांच’ का डर दिखाकर पोर्न वीडियो केस में फंसाने की धमकी दी गई और गिरफ्तारी के डर से उनसे 1 लाख रुपये वसूल लिए गए।
💰 केस 4: बीमा पॉलिसी के रिटर्न का लालच, 2.96 लाख ठगे
रविंदर सिंह को बीमा पॉलिसी पर बड़ा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में 2.96 लाख रुपये ठग लिए गए।
🔌 केस 5: बिजली कनेक्शन कटने का डर दिखा उड़ाए 1.96 लाख
अरेरा कॉलोनी के केए रूपेले को बिजली कनेक्शन कटने की धमकी दी गई। झांसे में आकर निर्देशों का पालन करते ही उनके खाते से 1.96 लाख रुपये निकाल लिए गए।
🛡️ साइबर ठगों का नया ट्रेंड और बचाव
पुलिस के अनुसार, अपराधी अब ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का सहारा ले रहे हैं।
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सावधानी: किसी भी अनजान लिंक या एपीके (APK) फाइल को डाउनलोड न करें।
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जांच: बिजली विभाग या किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम से आने वाले संदिग्ध कॉल की पुष्टि आधिकारिक ऐप या दफ्तर जाकर करें।
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गोपनीयता: बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी (OTP) कभी किसी को न दें।
पुलिस ने सभी मामलों में प्रकरण दर्ज कर मोबाइल नंबरों और बैंक खातों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है।
संपादकीय टिप्पणी: हाई-टेक ठग अब हर किसी को अपना निशाना बना रहे हैं। क्या आपको लगता है कि प्रशासन को और अधिक कड़े साइबर सुरक्षा नियमों को लागू करना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।
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