Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Railway News: बंगाल को मिलेगी पहली बुलेट ट्रेन; सिलीगुड़ी से दिल्ली का सफर होगा अब आसान Dehradun Polytechnic News: परीक्षा में नकल रोकने पर शिक्षकों के साथ मारपीट; पॉलिटेक्निक में शिक्षकों... CJP Protest Delhi: 'कॉकरोच न डरते हैं, न मरते हैं...' जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने भरी हुंकार; धर्मे... Delhi Hotel Fire Case: दिल्ली अग्निकांड में रसोइया गिरफ्तार; लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन प... Jharkhand Politics: राज्यसभा चुनाव में एनडीए एकजुट; गौरव वल्लभ का नाम लगभग तय, सरयू राय ने दिए संकेत Giridih News: पिपराडीह ओवरब्रिज के पास कारों और बाइक की टक्कर; एक ही परिवार के दो सदस्यों ने तोड़ा दम Ranchi Crime News: होमगार्ड जवान से लूट और चाकूबाजी का खुलासा; पुलिस ने दो अपराधियों को दबोचा Muzaffarpur Hospital Fire: प्रसाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द; लापरवाही से हुई 6 मरीजों की मौत पर प्रशास... Varanasi News: शंकराचार्य के विद्यामठ आश्रम में चोरी का खुलासा; मुख्य आरोपी राजू खान सहित 3 गिरफ्तार Jabalpur Crime News: जबलपुर में नशीले इंजेक्शन का बड़ा खेल बेनकाब; 2 MR समेत 6 गिरफ्तार, 15 लाख का मा...

Jabalpur Water Tank Scam: जल जीवन मिशन की खुली पोल; 3 करोड़ की टंकी पहली बार भरते ही हुई छलनी, ग्रामीणों में आक्रोश

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित कुलोन गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी विकास कार्यों की पोल खोल रही है। लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से करीब 7 वर्षों में तैयार हुई यह टंकी पहली बार भरते ही जगह-जगह से फूट गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि टंकी से निकलता पानी पास ही स्थित एक घर में घुस गया, जिससे वह घर पूरी तरह जलमग्न हो गया।

🏗️ 7 साल का निर्माण, एक दिन की भी आयु नहीं

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घोर भ्रष्टाचार हुआ है। भैरव सिंह ठाकुर नामक ग्रामीण ने बताया कि टंकी को शासन द्वारा नियमित भरा तो जाता है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण पानी रुकता ही नहीं। सुबह भरा गया पानी शाम तक खाली हो जाता है। टंकी का निर्माण लगभग 6-7 साल तक चला, जिसमें कई बार ठेकेदार बदले गए। ठेकेदारों की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा आज पूरा गांव भुगत रहा है।

🏚️ ‘शॉवर’ बन गई टंकी, घर हुआ जलमग्न

पूर्व सरपंच रमेश पटेल ने बताया कि टंकी बनकर तैयार होने के एक साल बाद जब इसे पहली बार चालू किया गया, तो यह किसी बाथरूम के शॉवर की तरह चारों तरफ से पानी उगलने लगी। टंकी का पानी पास के एक घर में घुसने से वहां भारी नुकसान हुआ। मरम्मत के नाम पर अब इसमें केवल ‘सीमेंट का घोल’ भरकर लीपापोती की जा रही है, जिससे ग्रामीण खासे नाराज हैं।

🗣️ विपक्ष का हमला: ‘नर्मदा किनारे रहकर भी पानी के लिए तरस रहे लोग’

बरगी विधानसभा के पूर्व कांग्रेस विधायक संजय यादव ने इस मामले में सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 तक हर घर में नर्मदा जल पहुंचाने का दावा पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा कि 2019 में शुरू हुआ यह काम 2026 तक भी ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हुआ है। उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

संपादकीय टिप्पणी: सरकारी योजनाओं के निर्माण में घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी है, बल्कि जनता के भरोसे का भी अपमान है। क्या आपको लगता है कि ऐसे निर्माण कार्यों में ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ (Third Party Audit) के साथ-साथ दोषी ठेकेदारों को ‘ब्लैकलिस्ट’ करना ही एकमात्र समाधान है? अपने विचार नीचे साझा करें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.