West Bengal Politics: विधायक हुमायूं कबीर का बड़ा दावा- TMC के 20 सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत को तैयार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बदली हुई राज्य की राजनीति में रेजिनगर के विधायक हुमायूं कबीर अचानक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. इस बार उन्होंने सीधे ममता बनर्जी को विधानसभा उपचुनाव लड़ने का खुला न्योता देकर सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है. उनका बड़ा दावा है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री खुद चाहें तो वह उन्हें रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जितवाकर विधानसभा पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं. हुमायूं कबीर ने कहा कि वह ममता बनर्जी को हर हाल में भारी मतों से जिताने में मदद करेंगे.
ी ⚡ “अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत को तैयार हैं TMC के 20 सांसद” – हुमायूं कबीर का सनसनीखेज दावा
हुमायूं कबीर सिर्फ न्योते तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कम से कम 20 मौजूदा सांसद इस समय अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत करने को पूरी तरह तैयार बैठे हैं. उनके अनुसार, जो बगावत और उथल-पुथल पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में देखने को मिली थी, वही बहुत जल्द टीएमसी संसदीय पार्टी (लोकसभा/राज्यसभा सांसदों) के भीतर भी देखने को मिलेगी. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इसके लिए ममता बनर्जी को मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए. कबीर ने आगे कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में ममता बनर्जी का विधानसभा में होना बेहद जरूरी है, क्योंकि राज्य की राजनीति में उनकी अहमियत को अभी भी नकारा नहीं जा सकता.
🗳️ “नंदीग्राम जैसी सीट मुश्किल, लेकिन रेजिनगर में ममता की वापसी का करा दूंगा इंतजाम”
ममता बनर्जी को न्योता देने के पीछे का गणित समझाते हुए हुमायूं ने कहा कि नंदीग्राम जैसी कठिन सीट पर दोबारा चुनाव लड़कर जीतना ममता बनर्जी के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है. हालांकि, मुर्शिदाबाद के रेजिनगर का राजनीतिक और सामाजिक समीकरण बिल्कुल अलग है. हुमायूं का दावा है कि उस विधानसभा क्षेत्र में उनका व्यक्तिगत असर और जनता का समर्थन ऐसा है कि वह वहां किसी को भी जिताने की राजनीतिक ताकत रखते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी उनसे व्यक्तिगत रूप से (पर्सनली) रिक्वेस्ट करें, तो वह उनकी गरिमामयी विधानसभा में वापसी का पूरा इंतजाम कर सकते हैं.
💪 हुमायूं कबीर ने दिखाई अपनी पॉलिटिकल पावर, पार्टी लीडरशिप पर कसा तंज
हुमायूं कबीर ने क्षेत्र में अपनी जमीनी पकड़ का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया. उनका दावा है कि उन्होंने रेजिनगर में पूर्व में तृणमूल कांग्रेस को बहुत बड़े अंतर से धूल चटाई थी और साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी भारी अंतर से हराया था. इसलिए, उन्हें पूरा भरोसा है कि भविष्य में भी वे जनता के अटूट सपोर्ट से उस सीट से आसानी से जीतेंगे. इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी की हालिया राजनीतिक स्थिति और शीर्ष नेतृत्व पर कमेंट करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार पार्टी को कुछ गंभीर राजनीतिक चेतावनियां दी थीं, लेकिन उनके सुझावों को अहमियत नहीं दी गई और अब तृणमूल कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
🏛️ “ममता का बर्ताव धृतराष्ट्र जैसा था, इसलिए पार्टी असलियत से दूर हो गई”
पार्टी के अंदरूनी हालातों पर तीखा हमला बोलते हुए हुमायूं कबीर ने दावा किया कि ममता बनर्जी असल में अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनाना चाहती थीं. अपने कड़े शब्दों में उन्होंने कहा कि इस मामले में ममता बनर्जी का बर्ताव महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ जैसा था, जो पुत्रमोह में अंधे थे. इसी वजह से पार्टी जमीनी और राजनीतिक असलियत से कोसों दूर हो गई थी. विधानसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद से ही राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव आया है. तृणमूल कांग्रेस की हार के साथ ही पार्टी के अंदर आंतरिक फूट और गुटबाजी की अटकलें भी तेज हो गई हैं. कई विधायक पार्टी की मौजूदा लीडरशिप पर खुलकर सवाल उठा चुके हैं. ऐसे में हुमायूं कबीर का यह बयान राजनीतिक बहस को एक बिल्कुल नए और आक्रामक मोड़ पर ले आया है. हालांकि, इतनी तीखी आलोचना के बावजूद हुमायूं ममता बनर्जी के कद को कम नहीं मान रहे हैं. उनका मानना है कि ममता सिर्फ एक प्रांतीय पार्टी की लीडर नहीं हैं, बल्कि वह नेशनल लेवल पर एक जानी-मानी पॉलिटिकल हस्ती हैं, इसलिए उनका असेंबली से बाहर रहना ठीक नहीं है.
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