Punjab Terror Alert: पंजाब के धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकी; मुक्तेश्वर धाम में QRT तैनात, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
जुगियाल : पंजाब के विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकियां मिलने के बाद राज्य का जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी हाई-अलर्ट के तहत जिला पठानकोट के गांव डूंग स्थित सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं प्राचीन मुक्तेश्वर धाम की सुरक्षा व्यवस्था को पहले के मुकाबले और अधिक मजबूत व अभेद्य कर दिया गया है। धमकी भरे पत्र में मुक्तेश्वर धाम का नाम स्पष्ट रूप से सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन लगातार मंदिर परिसर के सुरक्षा प्रबंधों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा विशेष और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
🛡️ मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाया गया वॉक-थ्रू मेटल डिटेक्टर: डीएसपी राजेश कक्कड़ बोले—बिना जांच गुफाओं में प्रवेश वर्जित
इस संबंध में जानकारी देते हुए डीएसपी धार कलां राजेश कक्कड़ ने बताया कि मुक्तेश्वर धाम में सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से पूरी तरह सुसज्जित कर दिया गया है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर आधुनिक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (वॉक-थ्रू मेटल डिटेक्टर) स्थापित किया गया है। अब मुख्य गुफाओं एवं मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को अनिवार्य रूप से इस तकनीकी सुरक्षा जांच प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा। यह उपकरण किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के पास मौजूद हथियार, चाकू, विस्फोटक या अन्य संदिग्ध धातु सामग्री का तुरंत पता लगाने में पूरी तरह सक्षम है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने पर यह अलार्म के माध्यम से वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों को तत्काल सतर्क कर देगा।
🪖 चौबीसों घंटे तैनात रहेगी क्विक रिस्पांस टीम (QRT): पार्किंग से लेकर संवेदनशील स्थानों तक पुलिस की पैनी नजर
इसके अलावा, एहतियात के तौर पर मुक्तेश्वर धाम मंदिर परिसर, मुख्य पार्किंग क्षेत्र तथा आसपास के सभी संवेदनशील पहाड़ी स्थानों पर पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। मंदिर के ऊपरी पार्किंग स्थल के समीप अत्याधुनिक हथियारों से लैस क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को चौबीसों घंटे के लिए तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय या आपात स्थिति में पुलिस तुरंत जवाबी कार्रवाई कर सके। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां मंदिर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहनों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। डीएसपी राजेश कक्कड़ ने साफ किया कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पैनिक (डर का माहौल) न बनाएं और सुरक्षा जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करें।
🔱 आस्था और इतिहास का प्राचीन केंद्र है मुक्तेश्वर धाम: पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान किया था इन पवित्र गुफाओं का निर्माण
प्राकृतिक सुंदरता, ऊंची पहाड़ियों और धार्मिक महत्व से भरपूर मुक्तेश्वर धाम पूरे पंजाब क्षेत्र की सबसे प्राचीन और पूजनीय धार्मिक धरोहरों में से एक माना जाता है। प्राचीन लोक मान्यताओं और ग्रंथों के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान यहां रहकर इन पवित्र गुफाओं का खुद निर्माण किया था। सैकड़ों वर्षों पुराना यह पावन तीर्थस्थल आज भी देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष महाशिवरात्रि, हिंदू नववर्ष (बैसाखी) तथा अन्य बड़े धार्मिक अवसरों पर यहां विशाल मेले आयोजित होते हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से यह धाम पूरे देश में एक विशेष पहचान रखता है।
🤝 मंदिर कमेटी ने दिया पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा: चेयरमैन भीम सिंह और अध्यक्ष भाग सिंह ने की फैसले की सराहना
सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाए जाने के बाद मंदिर कमेटी के चेयरमैन भीम सिंह, अध्यक्ष भाग सिंह, अंकुश तनवाल, सुरेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम सिंह, दिलबाग सिंह तथा नरेश कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे सभी सुरक्षा प्रबंधों और कड़े नियमों में मंदिर कमेटी प्रबंधन पूरा सहयोग कर रहा है। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सीमावर्ती परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत करना समय की मांग है। प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन के इन संयुक्त और कड़े प्रयासों से मुक्तेश्वर धाम में आने वाले श्रद्धालु पूरी तरह से सुरक्षित वातावरण में बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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