Jamshedpur Mango Export: जमशेदपुर के रसीले आम अब यूरोप में; ‘कायरा’ नाम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिलेगी पहचान
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों द्वारा उत्पादित रसीले आम अब सिर्फ झारखंड की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जल्द ही विदेशों में भी लोगों को अपना दीवाना बनाएंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के तहत, जिले के किसानों द्वारा उत्पादित आमों को वैश्विक बाजार दिलाने की बड़ी पहल की गई है। इसके साथ ही ‘आम महोत्सव’ के जरिए किसानों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि उनकी फसल को एक विशिष्ट पहचान मिल सके। गौरतलब है कि बोड़ाम, पटमदा, घाटशिला और मुसाबनी जैसे इलाकों में किसान बड़े पैमाने पर लंगड़ा, बैगनपिल्ली, आम्रपाली, हिमसागर, मलिक्का और बनाना आम का उत्पादन कर रहे हैं।
💡 ‘कायरा’ के नाम से मशहूर होगा बनाना आम: उपायुक्त ने आदिवासी नाम देकर बढ़ाया मान
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने किसानों के उत्पादों को एक नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि ‘बनाना आम’ का नाम बदलकर अब इसे एक आदिवासी नाम ‘कायरा’ (Kayra) दिया गया है। स्थानीय किसानों, जैसे कमला महतो, ने इस पहल पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त द्वारा दिया गया यह आदिवासी नाम न केवल उनके उत्पाद को एक विशिष्ट पहचान देगा, बल्कि बाजार में इसकी मांग को भी बढ़ाएगा। उन्हें आम की पैदावार के लिए मिल रहा प्रशासनिक सपोर्ट उनकी आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा।
🌍 विदेशी व्यापारियों की पहली पसंद बनेगा झारखंड का आम: यूरोप तक पहुँचने की राह हुई आसान
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि जमशेदपुर के आमों की उच्च क्वालिटी के कारण विदेशी व्यापारी भी अब यहां आने लगे हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य है कि आम महोत्सव के जरिए किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिले और उन्हें एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिले जहां वे सीधे बड़े खरीदारों से जुड़ सकें। हमारी कोशिश है कि यहां के रसीले आम यूरोपियन यूनियन और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचें और झारखंड को एक प्रमुख आम उत्पादक राज्य के रूप में वैश्विक पहचान मिले।
🛠️ किसानों को मिल रही है आधुनिक ट्रेनिंग: सुरक्षित रख-रखाव और एक्सपोर्ट की तैयारी
किसानों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें बेहतर आम उगाने की वैज्ञानिक ट्रेनिंग भी दी जा रही है, जिसमें आम की रखवाली और उन्हें सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। आम निर्यात में मदद करने वाले मो. हामिद बताते हैं कि जिले के आम अब विदेश में एक्सपोर्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकिंग और क्वालिटी कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे विदेशी बाजार में जमशेदपुर के आमों की भारी मांग रहने की उम्मीद है।
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