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Malviya Nagar Fire Tragedy: मालवीय नगर अग्निकांड में खत्म हुआ हंसता-खेलता परिवार; बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल का भी निधन

नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने एक पूरे परिवार को काल के गाल में समा दिया है। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल (80 वर्ष) ने भी अंततः दम तोड़ दिया है। इस दुखद निधन के साथ ही उस परिवार का आखिरी चिराग भी बुझ गया है, जो बेहद उम्मीदों के साथ दिल्ली आया था।

🏥 पिता की देखभाल के लिए आया था परिवार

मूल रूप से गुरुग्राम (सेक्टर-46) के निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थे और साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। पिता की सेवा और उनके करीब रहने के लिए विवेक अपनी मां, पत्नी और दो बेटियों के साथ दिल्ली आए थे। परिवार ने अस्पताल के पास ही स्थित फ्लोरेन्स होटल में ठहरने का निर्णय लिया था, ताकि वे जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुँच सकें।

🥀 नियति का क्रूर खेल

किसे पता था कि पिता की सेवा करने के लिए दिल्ली पहुँचा यह परिवार खुद एक भयानक हादसे का शिकार हो जाएगा। अग्निकांड के दौरान परिवार के अधिकांश सदस्य पहले ही काल के गाल में समा गए थे, और अब अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल की मौत के साथ ही इस पूरे परिवार का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। इस हादसे ने पूरे इलाके और उनके करीबियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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