कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुष्मिता देव साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल हुई थीं, जहां उन्हें कम समय में ही पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया और राज्यसभा भेजा गया था।
⚡ पार्टी में बढ़ती बगावत का संकेत
सुष्मिता देव का इस्तीफा टीएमसी में मची आंतरिक उठापटक का ताजा उदाहरण है। उनसे पहले वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय भी राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी पर ममता बनर्जी की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। रिताब्रता बनर्जी के समर्थन में 61 विधायकों का सामने आना और अब सांसदों का पार्टी से अलग राह चुनना, ममता के लिए खतरे की घंटी है।
📊 सुष्मिता देव का राजनीतिक सफर
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कांग्रेस कार्यकाल: असम की सिलचर लोकसभा सीट से सांसद रहीं। महिला कांग्रेस की प्रमुख और पार्टी की मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाली।
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टीएमसी का सफर: 2019 में चुनाव हारने के बाद 2021 में टीएमसी में शामिल हुईं। पार्टी में तेजी से तरक्की करते हुए वे राष्ट्रीय प्रवक्ता बनीं और राज्यसभा की सांसद चुनी गईं।
🏛️ भविष्य पर सस्पेंस
सुष्मिता देव का अचानक इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी के कई अन्य नेता भी असंतोष जता रहे हैं। कांग्रेस से टीएमसी और अब पार्टी से दूरी बनाना, सुष्मिता के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर चुका है। क्या वे वापस कांग्रेस में लौटेंगी या कोई अन्य विकल्प चुनेंगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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