झारखंड में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है। राज्यपाल ने उस पैनल को मंजूरी दे दी है, जिसमें राज्य सरकार ने चार लोगों को सूचना आयुक्त बनाने की अनुशंसा की थी। इस मंजूरी के बाद वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा नेता शिवपूजन पाठक के सूचना आयुक्त बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राजभवन सचिवालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
🔄 राजभवन और सरकार के बीच का घटनाक्रम
राज्य सरकार ने इन चार नामों की अनुशंसा करते हुए पैनल राज्यपाल के पास भेजा था। हालांकि, पहली बार राजभवन ने कुछ आपत्तियां जताते हुए प्रस्ताव को वापस कर दिया था। इसके बाद सरकार ने पुनः वही पैनल राज्यपाल को भेजा और संबंधित आपत्तियों पर अपना तर्क स्पष्ट किया, जिसके बाद मंजूरी प्राप्त हुई।
✅ राज्यपाल की शर्तें और निर्देश
राज्यपाल द्वारा उक्त नियुक्तियां कुछ शर्तों के साथ अनुमोदित की गई हैं। उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि झारखंड राज्य सूचना आयोग में ‘मुख्य सूचना आयुक्त’ की नियुक्ति शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि आयोग का कार्य सुचारु रूप से चल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में कोई त्रुटि या उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
🗣️ नियुक्तियों को लेकर मचा था सियासी घमासान
नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान पैनल में शामिल कुछ नामों के राजनीतिक संबंधों पर काफी विवाद हुआ था। अमूल्य नीरज खलखो का कांग्रेस से, तनुज खत्री का झामुमो से और शिवपूजन पाठक का भाजपा से जुड़ाव होने की चर्चा थी। विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने इस संवैधानिक पद पर राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे।
⚖️ सरकार का स्पष्टीकरण
राज्य सरकार ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों का उल्लेख था, वे उन आरोपों से मुक्त हो चुके हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि राजनीतिक दलों से जुड़े नाम नियुक्ति के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे और वे किसी भी लाभ के पद पर नहीं हैं। सरकार के इस पक्ष के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
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