धमतरी जिला लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी का केंद्र बना हुआ है। ओडिशा सीमा से सटे होने के कारण यहां बड़ी मात्रा में गांजे की तस्करी होती है। पुलिस की लगातार नाकेबंदी और छापेमारी के बावजूद नशे का यह कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में गांजा बिक्री के खिलाफ चले अभियान में एक नगर सैनिक की गिरफ्तारी ने सबको चौंका दिया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि इस धंधे में रसूखदार लोग भी लिप्त हैं।
👮 नगर सैनिक निकला गांजा तस्कर
मगरलोड पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में शुरुआत में लाभाराम कुर्रे और उसकी पत्नी सुशीला बाई कुर्रे को 1.660 किलोग्राम अवैध गांजे, नगद राशि और मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की गहन विवेचना और तकनीकी जांच के बाद ग्राम पाहन्दा निवासी महेश सिन्हा का नाम सामने आया, जो विभाग में नगर सैनिक के रूप में कार्यरत है। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
🚫 ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जारी है कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। पिछले 6 सप्ताह के भीतर जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध 7 से अधिक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की गई है। हाल ही में 7 जून को पुलिस ने 2 करोड़ 45 लाख रुपये की बड़ी खेप बरामद की थी।
“हमारा लक्ष्य केवल छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और सहयोगियों को जड़ से उखाड़ना है। चाहे वह कोई भी हो, यदि नशे के कारोबार में शामिल पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।” — पुलिस प्रशासन, धमतरी
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.