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Supreme Court on Kerala Elephant: केरल के सबसे ऊंचे हाथी ‘रमन’ की कस्टडी पर SC का बड़ा आदेश; व्यावसायिक इस्तेमाल पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बेजुबान जानवरों के संरक्षण और उनकी भलाई के प्रति एक ऐतिहासिक और संवेदनशील रुख अपनाया है। कोर्ट ने केरल सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य के सबसे ऊंचे हाथी ‘रमन’ (थेचिकोट्टुकावु रामचंद्रन) की कस्टडी अपने हाथ में ले और उसे किसी उचित रिहैबिलिटेशन सेंटर में स्थानांतरित करे। 10.53 फीट ऊंचा यह हाथी केरल में अत्यंत लोकप्रिय है।

⚖️ कोर्ट ने व्यावसायिक उपयोग पर जताई नाराजगी

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने हाथी के व्यावसायिक इस्तेमाल और उसे धार्मिक जुलूसों में शामिल किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस हाथी को व्यावसायिक इस्तेमाल से दूर रखने का पहले ही आदेश दिया गया था, उसका कोर्ट के सामने दिए गए अंडरटेकिंग के बावजूद व्यवसायिक उपयोग किया गया।” कोर्ट ने साफ कर दिया कि वह बेजुबान जानवरों के मामलों में मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकता।

🚫 अवमानना का दोषी करार, लगा जुर्माना

यह आदेश जयकृष्ण मेनन की अवमानना याचिका पर आया, जिसमें हाथी की कस्टडी को लेकर विवाद था। कोर्ट ने कृष्णनकुट्टी को अंडरटेकिंग का जानबूझकर उल्लंघन करने के लिए अवमानना का दोषी पाया और उस पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, राज्य के अधिकारियों को कोर्ट ने बरी कर दिया क्योंकि उन्होंने हाथी की मेडिकल जांच कराने का प्रयास किया था।

🌿 अस्थायी सुरक्षा और कानूनी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाथी की कस्टडी सरकार को सौंपना एक अस्थायी उपाय है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि केरल सरकार वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 के तहत कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए हाथी की देखभाल सुनिश्चित करे। कोर्ट इस मामले पर अंतिम आदेश बाद में जारी करेगा।

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