Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Make in India Security Breach: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ खिलवाड़; सप्लायर कंपनी पर HAL की सख्... Surat Police Bravery: सूरत पुलिस ने दिखाई दरियादिली; जहर खाने वाले युवक को 7वीं मंजिल से सुरक्षित बच... Mamata Banerjee FIR: ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ बयान के मामले में कोलकाता में दर्ज हुई FIR Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह ब... Jammu-Kashmir Border Alert: घुसपैठ की साजिश! कठुआ सेक्टर में जैश आतंकियों की सक्रियता, हाई अलर्ट पर ... Supreme Court on Officer Dispute: रोहिणी सिंदूरी और डी रूपा मौदगिल विवाद; SC ने जस्टिस कुरियन जोसेफ ... PM Modi 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल 'जनकल्याण और सुशासन' का प्रतीक ... Uttarakhand Accident News: पिथौरागढ़ की दारमा घाटी में कार पर गिरी चट्टान, 2 पर्यटकों की मौत; 3 गंभी... Kainchi Dham Mela: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ेगी लाखों की भीड़, भारी वाहनों पर रोक और ट्रैफिक एडवा... Bihar Politics: बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को दिया बड़ा झटका? विधान परिषद में जगह नहीं मिलने से बढ़ी सि...

US-Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का ड्राफ्ट लीक; 300 अरब डॉलर के निवेश और परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा खुलासा

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते का ड्राफ्ट चर्चा का विषय बना हुआ है। मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते में युद्ध को तुरंत रोकने से लेकर आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने तक के 14 प्रमुख बिंदु शामिल हैं। हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक इन शर्तों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह ड्राफ्ट मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।

⚓ सैन्य नाकाबंदी और संप्रभुता का सम्मान

समझौते के मुख्य प्रस्तावों में अमेरिका द्वारा 30 दिनों के भीतर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और ईरान के आसपास सैन्य मौजूदगी कम करने की बात कही गई है। इसके बदले में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को शिपिंग के लिए खोलने का प्रस्ताव रखा है। ड्राफ्ट में अमेरिका से यह भी अपेक्षा की गई है कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा और उसकी संप्रभुता का सम्मान करेगा।

💰 300 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण योजना

रिपोर्ट के अनुसार, समझौते का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक राहत से जुड़ा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना बनानी होगी। इसके साथ ही, ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर के फंड को रिलीज करने और ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को निलंबित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

☢️ परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा

ईरान ने इस मसौदे में पुनः आश्वस्त किया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। इसके बदले में अमेरिका ने बातचीत के दौरान क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति न बढ़ाने और कोई भी नया आर्थिक प्रतिबंध न लगाने का वादा किया है। इस पूरे समझौते के पालन की निगरानी के लिए एक विशेष तंत्र बनाने और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के माध्यम से मंजूरी दिलाने की योजना है।

⚠️ अभी भी बरकरार हैं चुनौतियां

इस समझौते के ड्राफ्ट में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र संगठनों को समर्थन देने जैसे विवादास्पद मुद्दों को बातचीत से बाहर रखा गया है। दूसरी ओर, इजराइल ने लेबनान में अपना सैन्य अभियान जारी रखने की बात कहकर स्थिति को और जटिल बना दिया है। अमेरिका-ईरान समझौते की सफलता काफी हद तक लेबनान की जमीनी स्थिति और हिज्बुल्लाह की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.