Narayanpur BSP Protest: माइंस प्रभावित युवाओं का नारायणपुर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन; BSP प्रबंधन पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
नारायणपुर: जिले में माइंस परियोजना से प्रभावित 23 ‘गोद ग्रामों’ के सैकड़ों बेरोजगार युवा मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। युवाओं ने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन पर स्थानीय लोगों की अनदेखी और वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी जमीनें लेने के बावजूद उन्हें रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।
💼 रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का संकट
आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि माइंस परियोजना शुरू होने के समय प्रबंधन ने प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को नौकरी देने और क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली व शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का वादा किया था। युवाओं का आरोप है कि 3 साल बीत जाने के बाद भी ये वादे पूरे नहीं हुए हैं। स्थानीय युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को भर्ती किया जा रहा है, जिससे प्रभावित गांवों के शिक्षित बेरोजगार दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
🔥 उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारी हरेश कुमार नाग ने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। युवाओं ने चेतावनी दी है कि आवश्यकता पड़ने पर माइंस क्षेत्र में खनन और खनिज परिवहन को पूरी तरह बाधित कर दिया जाएगा। इस आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषकर कांग्रेस पार्षद जय कुमार वट्टी का भी समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने इन मांगों को न्यायसंगत बताया है।
🤝 कलेक्टर ने लिया संज्ञान, वार्ता का भरोसा
युवाओं के भारी विरोध और ज्ञापन सौंपने के बाद नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि जिला प्रशासन जल्द ही BSP प्रबंधन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कराएगा ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान निकल सके। उन्होंने दोहराया कि स्थानीय हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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