नई दिल्ली: इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों को एकजुट होकर ‘विरोध की राजनीति’ अपनाने का आह्वान किया है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य सभी को प्रेम और स्नेह के साथ जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अब एक नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा, क्योंकि मौजूदा सरकारी तंत्र (संस्थानों) पर सत्ता पक्ष का नियंत्रण है।
🛡️ ‘आरएसएस के सामने नहीं झुकेंगे’
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक ‘रेजिस्टेंस मूवमेंट’ है जो भारत के संविधान और समानता के विचार को बचाने के लिए खड़ी है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “बीजेपी या आरएसएस के सामने झुकने से बेहतर है कि हम मर जाएं। अगर उन्हें हमारी पार्टी को खत्म करना है, तो उन्हें हमारे सिर काटने पड़ेंगे, हम झुकेंगे नहीं।” उन्होंने आरएसएस के विजन को देश के लिए खतरा बताया।
🗳️ ‘चुनाव चोरी का आरोप और बदलता राजनीतिक क्षेत्र’
राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्षी दलों को यह भ्रम है कि पुराने राजनीतिक टूल्स अभी भी काम करेंगे। उन्होंने कहा, “BJP अब चुनाव आयोग, लीगल सिस्टम, इंटेलिजेंस और ब्यूरोक्रेसी को कंट्रोल करती है। ममता बनर्जी से लेकर तेजस्वी यादव तक, विपक्ष के कई नेता इस बात से वाकिफ हैं कि चुनाव में हेरफेर किया गया है। हमें यह स्वीकार करना होगा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रह गई है।”
🔥 ‘विरोध के मोड में जाना ही समाधान’
अपनी रणनीति पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अब हमें ‘रेजिस्टेंस’ (विरोध) मोड में जाना होगा। उन्होंने कहा, “NEET, CBSE और भारत जोड़ो यात्रा जैसे विषय हमारे प्रतिरोध के माध्यम हैं। हमें संगठन से ऊपर उठकर एक भावना के रूप में विरोध करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अगर विपक्ष एक साथ खड़ा रहे और लगातार विरोध करे, तो BJP को हराना बेहद आसान है।”
✨ ‘विपक्ष कमजोर नहीं, एकजुट है’
अंत में राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा, “लोग अक्सर पूछते हैं कि हम BJP को कैसे हराएंगे? मैं कहता हूँ, हम पहले ही जीत चुके हैं। यह हार और जीत की बात नहीं है, यह एक आध्यात्मिक कर्तव्य है। हमारी अपनी आंतरिक लड़ाइयां हो सकती हैं, लेकिन जब देश के विचार (Idea of India) को बचाने की बात आएगी, तो पूरा विपक्ष एकजुट खड़ा होगा।”
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.