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Ajmera Group Money Laundering Case: निवेशकों के लिए बड़ी राहत; कोर्ट ने 8.41 करोड़ की संपत्ति लौटाने का दिया आदेश

बेंगलुरु: अजमेरा ग्रुप के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। विशेष PMLA अदालत ने 8.41 करोड़ रुपये मूल्य की कुर्क की गई संपत्तियों को वैध दावेदारों और पीड़ितों को वापस करने का आदेश दिया है। यह कदम निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

📉 क्या था पूरा धोखाधड़ी का मामला?

अजमेरा ग्रुप पर आरोप था कि कंपनी ने निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे मोटी रकम जमा कराई थी। न तो निवेशकों को वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह खुलासा हुआ कि निवेशकों का पैसा कंपनी के निदेशकों और उनके सहयोगियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया और उससे कई चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

🛡️ ईडी का मानवीय रुख और अदालती आदेश

जांच के दौरान ईडी ने इस धोखाधड़ी से जुड़ी संपत्तियों को पहले कुर्क (Attach) किया था और विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पीड़ितों को उनका हक दिलाने के उद्देश्य से ईडी ने अदालत में इन संपत्तियों को वापस करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। ईडी की इसी दलील के आधार पर विशेष PMLA न्यायालय ने 9 जून 2026 को ऐतिहासिक आदेश पारित कर संपत्तियों को पीड़ितों को सौंपने की मंजूरी दे दी।

🔎 न्याय की दिशा में ठोस कदम

ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों को पीड़ितों को सौंपने का निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि मनी लॉन्ड्रिंग अपराध के शिकार हुए लोगों को उनका पैसा वापस मिल सके। यह आदेश न केवल निवेशकों के लिए राहत है, बल्कि ऐसे अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में एक नजीर के रूप में भी देखा जा रहा है।

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