भोपाल: मध्य प्रदेश में ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ (UCC) को लागू करने को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। हाल ही में आयोजित एक वर्चुअल समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। UCC पर सुझाव जुटाने की धीमी प्रक्रिया और बैठक के दौरान अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर सीएम और मुख्य सचिव दोनों ही बेहद नाराज दिखे।
💢 बैठक में लापरवाही पर भड़के सीएम और मुख्य सचिव
शनिवार को आयोजित इस बैठक में जब तथ्यों पर चर्चा हो रही थी, तो यह सामने आया कि कई जिलों में UCC पर सुझाव लेने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। इसी बीच, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी सूरज कुमार को मोबाइल में व्यस्त देख मुख्य सचिव अनुराग जैन भड़क गए। उन्होंने दोनों अधिकारियों को बैठक की गंभीरता समझने की नसीहत देते हुए जमकर फटकार लगाई।
⚠️ ‘परफॉर्मेंस अच्छी नहीं तो फील्ड में जगह नहीं’
सीएम मोहन यादव ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं और अब वही अफसर फील्ड में तैनात रहेंगे जिनका प्रदर्शन उत्कृष्ट होगा। उन्होंने साफ संकेत दिए कि UCC जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने इंदौर, जबलपुर, सीधी और खंडवा जैसे जिलों के कलेक्टरों द्वारा दी जा रही जानकारी की सराहना की, लेकिन धीमी गति वाले जिलों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
🚀 एमपी जल्द बन सकता है 5वां राज्य
मध्य प्रदेश सरकार UCC को धरातल पर उतारने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सीएम मोहन यादव चाहते हैं कि जल्द से जल्द सुझावों की प्रक्रिया पूरी हो ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। यदि सब कुछ समय पर रहा, तो मध्य प्रदेश देश का 5वां ऐसा राज्य होगा जहाँ UCC लागू होगा। प्रशासनिक स्तर पर दिख रही यह सख्ती सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
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