Deoghar Peda News: सावन से पहले देवघर के पेड़ा कारोबारियों की बढ़ी चिंता; सड़क निर्माण और गैस कीमतों का असर
देवघर: बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा और चूड़ा न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत में अपनी पहचान रखता है। विशेष रूप से देवघर-बासुकीनाथ मार्ग पर स्थित घोरमारा का पेड़ा अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन सावन के पवित्र महीने के नजदीक आते ही घोरमारा के पेड़ा व्यापारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले दो वर्षों से चल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य ने इस करोड़ों रुपये के कारोबार को भारी नुकसान पहुँचाया है।
🚧 सड़क निर्माण और आवागमन का असर
घोरमारा के कारोबारियों का कहना है कि पिछले वर्ष जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से निर्माणाधीन सड़क पर आवागमन बंद कर रिखिया आश्रम मार्ग की ओर डायवर्ट करने से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई थी। व्यापारियों को आशंका है कि यदि इस वर्ष भी सावन के दौरान वही व्यवस्था लागू रही, तो उन्हें फिर से भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
🔥 गैस की किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग का मार
पेड़ा निर्माण के लिए आवश्यक गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। व्यापारियों का कहना है कि जो गैस सिलेंडर पहले 1,000 रुपये में मिल जाता था, वह अब बाजार में कमी के कारण 2,000 से 2,500 रुपये में ‘ब्लैक’ में खरीदना पड़ रहा है।
📈 सरकार से दर बढ़ाने की मांग
घोरमारा पेड़ा संघ के अध्यक्ष अश्वनी मंडल ने जिला प्रशासन से पेड़े के सरकारी दरों में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की है। वर्तमान में पेड़े का सरकारी मूल्य 360 से 400 रुपये प्रति किलो है। संघ का कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए इसमें कम से कम 50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी अनिवार्य है, अन्यथा व्यापारियों का काम करना मुश्किल हो जाएगा।
👨👩👧👦 आजीविका का बड़ा आधार है पेड़ा व्यवसाय
घोरमारा के लगभग 200 से 250 परिवार सीधे तौर पर इस व्यवसाय से जुड़े हैं। सावन के दौरान होने वाली कमाई ही इन परिवारों के लिए पूरे साल की आजीविका का एकमात्र साधन होती है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन पेड़ा कारोबारियों की समस्याओं का समाधान निकालते हुए उनके पक्ष में कोई राहत भरा निर्णय लेगा या नहीं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.