MP Assembly Session: मानसून सत्र में पेश होगा अनुपूरक बजट; 5 दिनों के सत्र को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की स्वीकृति के बाद 5 दिवसीय इस सत्र की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सत्र के दौरान सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है, वहीं वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
📅 सत्र का शेड्यूल और महत्वपूर्ण तिथियां
सत्र का संचालन 20 से 24 जुलाई तक होगा। विधानसभा सचिवालय के अनुसार:
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20 से 23 जुलाई: प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्य।
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24 जुलाई: प्रश्नोत्तर काल के साथ अशासकीय संकल्पों पर चर्चा। विधायकों के लिए सूचनाएं देने की समयसीमा भी निर्धारित कर दी गई है—अशासकीय विधेयकों के लिए 24 जून, संकल्पों के लिए 9 जुलाई और स्थगन/ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के लिए 14 जुलाई तक का समय दिया गया है।
⚖️ क्या है मोहन सरकार का UCC प्लान?
समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह समिति जिलों में जाकर आम लोगों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों से सुझाव ले रही है। जल्द ही समिति की रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसके बाद इसे कैबिनेट में लाकर विधानसभा से मंजूरी दिलाई जा सकती है।
⚔️ विपक्ष का कड़ा रुख—सत्र की अवधि पर विवाद
सत्र की अवधि महज 5 दिन रखे जाने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे ‘लोकतांत्रिक जवाबदेही को सीमित करना’ करार दिया है। सिंघार ने कहा, “प्रदेश में आदिवासी अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दे हैं। सरकार चर्चा से भागने के लिए सत्र को छोटा कर रही है। सरकार को समझना चाहिए कि सत्र जितना लंबा होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा।”
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