Punjab Protest Update: पंथक और किसान जत्थेबंदियों का बड़ा ऐलान; 4 जुलाई को ‘रेल रोको’ आंदोलन की दी चेतावनी
खमाणों: पंजाब के राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कौमी इंसाफ मोर्चे के आह्वान पर पंथक और किसान जत्थेबंदियों की एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य की समस्याओं का समाधान अब केवल एक बड़े जन आंदोलन के माध्यम से ही संभव है। नेताओं ने राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
🚆 4 जुलाई को ‘रेल रोको’ और 15 अगस्त की रणनीति
बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार, आगामी 4 जुलाई को सरहिंद में ‘रेल रोको’ आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही 15 अगस्त को घोषित ‘आर-पार की लड़ाई’ के लिए भी कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पंजाब के मौजूदा हालातों को देखते हुए अब पीछे हटने का समय नहीं है।
🕊️ बंदी सिंहों की रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय मुहिम
बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए दुनिया भर की विभिन्न देशों की एंबेसी, संसद सदस्यों और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया है ताकि इस गंभीर मामले की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
🤝 एकजुट हुए कई संगठन
इस महत्वपूर्ण बैठक में भाई जसवीर सिंह रोडे, भाई मोहकम सिंह, जत्थेदार गुरदीप सिंह बठिंडा, डॉ. दर्शन पाल सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान अकाली दल (वारिस पंजाब), अकाली दल (अमृतसर), यूनाइटेड अकाली दल और विभिन्न किसान यूनियनों (क्रांतिकारी किसान यूनियन, शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन आदि) के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने इस आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
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