बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रसड़ा कोतवाली के इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मोहर्रम के मद्देनजर आयोजित पीस कमेटी की बैठक में दिए गए उनके बयानों ने विवाद को जन्म दे दिया है। बैठक में ताजिया जुलूस और शांति व्यवस्था पर चर्चा के दौरान इंस्पेक्टर ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया, लेकिन उनके लहजे और शब्दों ने बहस छेड़ दी है।
⚖️ ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ – इंस्पेक्टर की दो टूक
बैठक के दौरान थानाध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि ताजिया जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते सुना जा सकता है कि गुंडागर्दी बिल्कुल नहीं चलेगी और सबको इंसानियत के दायरे में रहना होगा। उन्होंने आगे-पीछे ताजिया चलने को लेकर होने वाले पुराने विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं को अब खत्म करने का समय आ गया है।
🔥 ‘मिट्टी में मिला देने’ वाली टिप्पणी पर विवाद
थानेदार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि, “सारे गुंडे मिट्टी में मिल गए हैं, अब जो नए गुंडे पैदा होंगे, उन्हें भी मिट्टी में मिला दिया जाएगा।” कुरान में कहीं भी ताजिया के आगे-पीछे चलने का उल्लेख न होने की बात दोहराते हुए उन्होंने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। हालांकि, उनकी यह ‘मिट्टी में मिला देने’ वाली टिप्पणी अब चर्चा का विषय बन गई है।
🌐 सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस वायरल वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जहाँ कुछ लोग कानून-व्यवस्था को लेकर इंस्पेक्टर की सख्ती की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे एक समुदाय विशेष को दबाने या अनुचित भाषा के रूप में देख रहे हैं। बहरहाल, पीस कमेटी की बैठक में दिए गए इस बयान ने बलिया के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
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