Bhilai Steel Plant News: भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को भिलाई स्टील का ‘कवच’; 5,700 टन विशेष स्टील की आपूर्ति
भिलाई: भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) ने एक बार फिर बड़ी भूमिका निभाई है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने भारतीय नौसेना के तीन अत्याधुनिक युद्धपोतों के निर्माण के लिए 5,700 टन विशेष ‘रक्षा-ग्रेड स्टील’ की आपूर्ति की है। यह स्टील न केवल युद्धपोतों को समुद्री लहरों और खारे पानी से लड़ने की ताकत देता है, बल्कि देश को रक्षा सामग्री के मामले में आत्मनिर्भर भी बनाता है।
🚢 नौसेना के बेड़े में शामिल नए योद्धा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कोलकाता में आयोजित समारोह में इन तीन शक्तिशाली युद्धपोतों को नौसेना को समर्पित किया:
-
INS दूनागिरी: एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट।
-
INS अग्रय: दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने में सक्षम।
-
INS संशोधक: समुद्र की टोह लेने वाला सर्वेक्षण पोत। इन पोतों के शामिल होने से हिंद महासागर और भारतीय समुद्री सीमाओं की निगरानी क्षमता में गुणात्मक वृद्धि हुई है।
🛡️ क्या है ‘डीएमआर-249ए’ ग्रेड का स्टील?
युद्धपोतों को भीषण हमलों और समुद्र की कठोर परिस्थितियों को झेलने योग्य बनाने के लिए भिलाई, बोकारो और राउरकेला संयंत्रों में खास तौर पर ‘डीएमआर-249ए’ ग्रेड की हॉट रोल्ड शीट और प्लेट्स तैयार की गईं। भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क अधिकारी अमूल्य प्रियदर्शी ने बताया कि यह स्टील कड़े रक्षा मानकों पर खरा उतरता है और राष्ट्र निर्माण में भिलाई का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
🇮🇳 ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प
यह उपलब्धि भारत के रणनीतिक आत्मनिर्भरता के संकल्प को दर्शाती है। इससे पहले भी सेल ने देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ के लिए भी स्टील की आपूर्ति की थी। अब विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम हो रही है, जो यह साबित करती है कि भारतीय इस्पात उद्योग वैश्विक स्तर पर किसी भी बड़ी चुनौती को पूरा करने में सक्षम है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.