UCC in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी शुरू; रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जानकारी दी कि राज्य में UCC लागू करने की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हो गई है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसने 26 जून से अपना कार्य आरंभ कर दिया है।
📋 पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि UCC के प्रारूप (ड्राफ्ट) को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है, जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं का विस्तृत सर्वे करेगी। समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:
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अध्यक्ष: न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश)।
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सदस्य: रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और रिटायर्ड प्राचार्य ज्योति रानी सिंह।
🔍 क्या होगा समिति का काम?
सीएम साय के अनुसार, यह समिति पूरे राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का गहन सर्वेक्षण करेगी। हालांकि, UCC को राज्य में कब तक लागू किया जाएगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा या तारीख अभी तय नहीं की गई है। वर्तमान में प्राथमिक सर्वे और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
🌐 क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?
समान नागरिक संहिता एक प्रस्तावित कानूनी ढांचा है, जिसका मुख्य उद्देश्य धर्म, जाति या लिंग के भेदभाव को समाप्त करना है। इसके लागू होने से विवाह, तलाक, विरासत और बच्चा गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम और कानून लागू होंगे।
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