Muharram Tradition: मुहर्रम पर विदिशा की अनूठी विरासत; बिना चंदे के कुशवाहा परिवार खुद उठाता है सवारी का पूरा खर्च
विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा में मुहर्रम का पर्व धार्मिक सीमाओं से आगे निकलकर इंसानियत और आपसी प्रेम की एक शानदार मिसाल पेश करता है। शहर के बड़े बाजार स्थित ‘बावड़ी वाले बाबा’ की सवारी वर्षों से गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बनी हुई है। इस परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे एक हिंदू कुशवाहा परिवार पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रहा है।
🕌 साझा विरासत: मजार के सामने बजरंगबली का मंदिर
खाए मोहल्ला स्थित बावड़ी वाले बाबा का स्थान सांप्रदायिक सौहार्द का केंद्र है। मजार के ठीक सामने बजरंगबली का प्राचीन मंदिर स्थित है, जहाँ दोनों धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के श्रद्धा प्रकट करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यही वह दृश्य है जो विदिशा की साझा संस्कृति को परिभाषित करता है, जहाँ आस्थाएं एक-दूसरे का सम्मान करती हैं।
🕊️ 5 पीढ़ियों का अटूट समर्पण
कुशवाहा परिवार के लिए बाबा की सेवा केवल एक काम नहीं, बल्कि उनका धर्म और अटूट विश्वास है। परिवार की वरिष्ठ सदस्य छोटी बाई कुशवाहा बताती हैं कि आर्थिक तंगी के दौर में भी उन्होंने इस परंपरा को कभी रुकने नहीं दिया। आज परिवार की पांचवीं पीढ़ी भी उसी श्रद्धा के साथ बाबा की सवारी को फूलों और मालाओं से सजाकर बड़े बाजार से निकालती है।
💰 बिना चंदे की सेवा, मिसाल बनी आस्था
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लिए समाज या श्रद्धालुओं से कोई चंदा नहीं लिया जाता। कुशवाहा परिवार स्वयं अपनी मेहनत की कमाई से सवारी और भंडारे का पूरा खर्च उठाता है। मुंबई से ढोल और दिल्ली से सेहरा मंगवाकर इस सवारी को भव्य रूप दिया जाता है, जो शहर भर के लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है।
🌍 एकता का संदेश: हिंदू-मुस्लिम समुदाय की बराबर भागीदारी
रोहित कुशवाहा और स्थानीय निवासी विनोद कुमार सोनी का कहना है कि यह सवारी अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विदिशा की पहचान बन चुकी है। इस आयोजन में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्थाएं संभालते हैं। मुहर्रम के अवसर पर विदिशा की यह तस्वीर देश को एकता और भाईचारे का एक सशक्त संदेश देती है कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता ही है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.