दिल्ली से कोरबा जा रहे एक दंपत्ति कवर्धा में भीषण हादसे का शिकार हो गए। देर रात पांडातराई के पास हॉफ नदी के मोड़ पर कार अनियंत्रित होकर सीधे नदी में जा गिरी। हादसे के वक्त एंबुलेंस लेकर गुजर रहे ड्राइवर की नजर कार पर पड़ी, जिसने तुरंत मौके पर पहुंचकर पति-पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल साहिल मंसूरी और सैंकी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
🌧️ अंधेरा और बारिश बनी हादसे की वजह
घायल महिला ने बताया कि वे जबलपुर होते हुए कवर्धा के रास्ते कोरबा जा रहे थे। नदी के इस मोड़ पर अंधेरा अधिक होने और बारिश के कारण सड़क दिखाई नहीं दी, जिससे कार बेकाबू हो गई। हालांकि, समय रहते एंबुलेंस चालक और पुलिस की मदद मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया।
⚠️ ब्लैक स्पॉट बना हॉफ नदी का मोड़
स्थानीय लोगों के अनुसार, हॉफ नदी का यह मोड़ अब ‘ब्लैक स्पॉट’ में तब्दील हो चुका है। मात्र 2 महीने पहले भी इसी स्थान पर एक कार गिरने से पांच युवकों की जान चली गई थी। निवासियों का आरोप है कि निर्माणाधीन पुल और सड़क का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है और यहां न तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं।
“सड़क या हाईवे पर वह स्थान जहाँ पिछले 3 वर्षों में 5 से अधिक गंभीर दुर्घटनाएं हुई हों या 10 से ज्यादा मौतें हुई हों, उसे ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया जाता है। हॉफ नदी का यह हिस्सा अब इस श्रेणी में आने लायक स्थिति में है।” — परिवहन विभाग के मानक के अनुसार
🛑 सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुल और सड़क निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई और उचित सुरक्षा संकेत नहीं लगाए गए, तो भविष्य में और भी दुखद हादसे हो सकते हैं। प्रशासन को इस संवेदनशील मोड़ पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता है।
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