Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Physical Intelligence in India: भारत में आई नई तकनीक, MEIL और Analog की साझेदारी से बदलेगा इंफ्रास्ट... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल, हत्या के नामजद आरोपी अधिकारी को मिली नई जिम्मेदार... Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, प्रक्रिया पर ... Karnataka High Court: वकील के साथ मारपीट करने वाली महिला PSI पर कोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख का जुर्माना Supaul News: बिहार के सुपौल में मानवता शर्मसार, 1 साल तक कमरे में बंद रही नाबालिग बच्ची; मां को बेचन... Supreme Court PIL: डिजिटल कंटेंट के लिए रेगुलेटरी सिस्टम की मांग, '₹370 की बिरयानी' विवाद पर सुप्रीम... CM Dr. Mohan Yadav in Seoni: सिवनी को मिली 494 करोड़ की सौगात, सीएम यादव ने बांटे कोदो-कुटकी बोनस Jaunpur News: दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने किया सरेंडर Monsoon Update: 'अल नीनो' के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए कि... Delhi Green Drive Portal: दिल्ली को 'ग्रीन और क्लीन' बनाने की बड़ी पहल, CM रेखा गुप्ता ने किया पोर्टल...

Jeetu Patwari Arrest Warrant: ग्वालियर कोर्ट का बड़ा एक्शन, एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत ने भिंड के पुलिस अधीक्षक (SP) को सख्त निर्देश दिए हैं कि आगामी 27 जुलाई को होने वाली सुनवाई में पटवारी की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की।

🔍 क्या है भिंड FIR का पूरा मामला?

यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। आरोप है कि जीतू पटवारी ने बसपा के तत्कालीन उम्मीदवार देवाशीष जरारिया पर भाजपा के साथ सांठगांठ करने का सार्वजनिक आरोप लगाया था। इस बयान के बाद 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और अन्य धाराओं के तहत उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।

🏛️ अदालती समन और अनुपस्थिति

इस मामले में कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को जीतू पटवारी को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया था। हालांकि, तय तारीख पर उनकी अनुपस्थिति और लगातार अदालती कार्रवाई से दूरी बनाए रखने के कारण कोर्ट को यह कड़ा रुख अपनाना पड़ा। कोर्ट ने पुलिस से सवाल किया कि जब पटवारी की राजनीतिक गतिविधियां हर जगह सक्रिय दिख रही हैं, तो पुलिस उन्हें ढूंढ क्यों नहीं पा रही है?

अब भिंड पुलिस की भूमिका पर टिकी निगाहें

कोर्ट के इस आदेश के बाद अब भिंड पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आगामी 27 जुलाई को भिंड पुलिस अदालत के आदेशों का पालन करा पाती है या नहीं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.