हरियाणा सरकार ने किसानों और नागरिकों को समयबद्ध एवं जवाबदेह सेवाएं देने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) की 10 प्रमुख सेवाओं को अब हरियाणा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित कर दिया गया है। इससे अब इन सेवाओं के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय हो गई है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और काम तेजी से पूरे होंगे।
⏱️ सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा
सरकार ने विभिन्न सेवाओं के लिए निम्नलिखित समय-सीमा तय की है:
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1 दिन: जे-फॉर्म (J-Form) जारी करना।
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2 दिन: मंडियों में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई सुनिश्चित करना।
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15 दिन: नो ड्यूज सर्टिफिकेट और मॉर्गेज के लिए एनओसी जारी करना।
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30 दिन: एनओसी, डुप्लीकेट आवंटन, पुनः आवंटन, कन्वेयंस डीड, संपत्ति का हस्तांतरण और कृषि दुर्घटना पर अनुग्रह सहायता (विसरा रिपोर्ट के बाद)।
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60 दिन: निर्विवाद मृत्यु के मामलों में संपत्ति का पुनः हस्तांतरण और कृषि कार्यों में चोट/मृत्यु पर एक्स-ग्रेशिया।
⚖️ शिकायत निवारण और जवाबदेही
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पदनामित अधिकारी और शिकायत निवारण प्राधिकारी भी नियुक्त किए हैं:
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पदनामित अधिकारी: अधिकांश सेवाओं के लिए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी को जिम्मेदार बनाया गया है। जे-फॉर्म के लिए मंडी सुपरवाइजर/सहायक सचिव और सफाई व्यवस्था के लिए मंडी समिति सचिव को तैनात किया गया है।
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शिकायत निवारण: किसी भी शिकायत के लिए जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी को प्रथम प्राधिकारी और क्षेत्रीय विपणन प्रवर्तन अधिकारी को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी बनाया गया है।
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