India-Japan Collaboration: फरीदाबाद की YMCA यूनिवर्सिटी और जापान का फुकुओका करेंगे सहयोग, 50,000 पेशेवरों के लिए खुलेंगे रास्ते
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (YMCA), फरीदाबाद ने भारत और जापान के बीच शैक्षणिक एवं औद्योगिक संबंधों को एक नई दिशा दी है। हाल ही में जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
🤝 जापान सरकार के ‘50,000 पेशेवर’ लक्ष्य में योगदान
यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत आगामी पांच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं। फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस चर्चा में मानव संसाधन आदान-प्रदान और अनुसंधान सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।
🎯 विश्वविद्यालय की नई पहल: ‘सेतु’ (SETU) प्रस्ताव
विश्वविद्यालय ने इस सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘सेतु’ (Strategic Exchange for Talent and University Collaboration) का औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। इस पहल के माध्यम से फरीदाबाद स्थित यह विश्वविद्यालय हरियाणा के लिए ‘जापान सहयोग केंद्र’ के रूप में विकसित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को इंटर्नशिप, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और शिक्षकों के आदान-प्रदान के माध्यम से वैश्विक स्तर पर तैयार करना है।
📈 तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल
विश्वविद्यालय ने जापान के उद्योगों की मांग को देखते हुए एक अनूठा ‘तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल’ प्रस्तावित किया है:
-
प्रथम चरण: छात्रों के लिए विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम।
-
द्वितीय चरण: कॉर्पोरेट नेटवर्किंग और भर्ती प्रक्रिया।
-
तृतीय चरण: दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना।
यह मॉडल न केवल छात्रों के करियर को नई ऊंचाइयां देगा, बल्कि भारत सरकार के राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.