वर्ष 2024 में झारखंड खेल प्राधिकरण परिसर में शुरू की गई ‘साझा लाइब्रेरी’ इन दिनों अपनी खस्ताहाल व्यवस्था के कारण सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लाइब्रेरी के भीतर छत से झरने की तरह पानी गिरता दिख रहा है। यह दृश्य वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी बाधा बन गया है।
🌧️ पढ़ाई के बीच जलभराव की चुनौती
इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं और यहां लगभग एक हजार छात्रों के अध्ययन की व्यवस्था है। छात्रों का कहना है कि छत से हो रहे पानी के रिसाव के कारण न केवल बैठने में समस्या हो रही है, बल्कि उनकी कीमती किताबें और अध्ययन सामग्री भी भीगने की कगार पर है। इसके अतिरिक्त, बारिश के दौरान बिजली कटने से लाइब्रेरी का एक बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित होती है।
🔧 प्रशासन का पक्ष और मरम्मत का कार्य
इस मामले पर लाइब्रेरी के संचालक प्रेम प्रकाश ने सफाई देते हुए कहा कि डूरंड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के चलते स्टेडियम परिसर में मरम्मत का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि दो भवनों के बीच निर्माण कार्य के कारण ऊपर एक गैप बन गया था, जहां से भारी बारिश के दौरान पानी का रिसाव हुआ। उन्होंने आश्वस्त किया है कि मेंटेनेंस का काम जारी है और जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान कर लिया जाएगा।
⏳ छात्रों को सुरक्षित माहौल का इंतजार
आधुनिक सुविधाओं के नाम पर शुरू की गई इस लाइब्रेरी में छात्रों को बेहतर अध्ययन वातावरण की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। प्रतियोगी छात्र अब संबंधित विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें बिना किसी बाधा के सुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने की सुविधा मिल सके।
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