मोहाली के बलोंगी श्मशान घाट पर बुधवार का दिन बेहद दुखद रहा, जहाँ रोपड़ नहर में डूबने से जान गंवाने वाले 6 वर्षीय तन्वी और 4 वर्षीय नितिन को अंतिम विदाई दी गई। दादा-दादी ने नम आंखों से मासूमों की अंतिम रस्में पूरी कीं। इस दौरान घटनास्थल पर बच्चों की मां शकुंतला उर्फ सुमन भी पहुंची, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चों की मां को उनका अंतिम चेहरा नहीं देखने दिया।
💔 मां ने बयां की अपनी व्यथा: ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप
नहर में छलांग लगाने वाली शकुंतला उर्फ सुमन ने अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि वह अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना और मारपीट से तंग आ चुकी थी। सुमन के अनुसार, रविवार को उसे पीटने के बाद बच्चों से अलग कर कमरे में बंद कर दिया गया था। उसने बताया कि वह घरेलू हालातों से इतनी टूट चुकी थी कि उसने मौत को गले लगाने का फैसला किया। उसने बताया कि उसने ऑटो लिया और नहर तक पहुंची, जहां उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया।
⚖️ दादा-दादी का दर्द: मासूमों के हत्यारों को मिले सख्त सजा
दुख में डूबे दादा-दादी ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की है। बाबू राम (दादा) का कहना है कि मासूम बच्चों की कोई गलती नहीं थी। परिवार चाहता है कि पुलिस इस मामले में हर पहलू की गहराई से जांच करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह के दर्दनाक हादसे का सामना न करना पड़े।
👮 जांच में जुटी पुलिस: एस.एच.ओ. का बयान
मटौर थाने के एस.एच.ओ. अमनदीप सिंह ने जानकारी दी कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। दादा-दादी और मां समेत सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे की असल वजह क्या है और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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