जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बड़ा खुलासा! जेपी नड्डा ने दिया था धर्मेंद्र प्रधान का विभाग बदलने का ऑफर, सीजेपी ने सिरे से नकारा
नई दिल्ली: पेपर लीक मामले और तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार की बातचीत के दौरान एक बड़ा राजनीतिक खुलासा हुआ है। सूत्रों का दावा है कि वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की ओर से धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने की पेशकश की गई थी, लेकिन CJP के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए सीधे इस्तीफे की शर्त पर अड़े रहने का फैसला किया।
🤝 नड्डा और जितेंद्र सिंह ने संभाला था मोर्चा, 3 दौर की बैठकों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और गतिरोध समाप्त कराने के लिए दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों—भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह—को मोर्चे पर लगाया गया था।
दोनों पक्षों के बीच लगातार तीन दौर की मैराथन बैठकें आयोजित की गईं। हालांकि, तीसरे दौर की निर्णायक बैठक शुरू होने के कुछ ही समय पहले धर्मेंद्र प्रधान ने परिस्थितियों को देखते हुए अपने पद से औपचारिक इस्तीफा दे दिया था।
🏛️ ‘मंत्रालय बदलना PM का विशेषाधिकार’, वार्ताकारों का तर्क खारिज; प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की ओर से सीजेपी प्रतिनिधियों के सामने धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कोई अन्य मंत्रालय सौंपने की पेशकश की गई थी। सरकार की ओर से आए वार्ताकारों का तर्क था कि किसी भी मंत्री को पद से हटाना या उनका विभाग बदलना पूरी तरह से प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार (Prerogative) होता है।
लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र नेताओं ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अमान्य कर दिया। प्रधान के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है।
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