Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
गांदरबल में बड़ा हादसा! अमरनाथ श्रद्धालुओं से भरी बस खाई में गिरी, 39 यात्री घायल; सेना ने चलाया रेस... लखनऊ में दरोगा ने काटा बिजली कर्मी का ₹6000 का चालान, गुस्साए कर्मचारियों ने थाने-चौकी की काटी बिजली... श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान! रवींद्र जडेजा की वापसी, सारांश जैन को मिला ... थलपति विजय की 'जन नेता' ने मंडे टेस्ट किया पास! 5वें दिन की इतनी कमाई, 300 करोड़ क्लब से बस इतनी दूर अमेरिका और ईरान की जंग से दहला मध्य पूर्व, अमेरिकी हथियारों की खपत के बीच ईरान के प्रॉक्सी नेटवर्क स... BHIM ऐप की मार्केट में धमाकेदार वापसी! 2 सालों में 10 गुना बढ़े मंथली ट्रांजैक्शन, PhonePe-GPay को च... स्मार्टफोन में गूगल मैप्स इस्तेमाल करते हैं? ऑन करें ये 4 सीक्रेट सेटिंग्स, बचेगा पेट्रोल और नहीं कट... मंगलवार को करें हनुमान जी के 5 शक्तिशाली मंत्रों का जप; दूर होंगे रोग, दोष और भय, मिलेगी सुख-समृद्धि नाश्ते की ये गलतियां बढ़ा सकती हैं 'बैड कोलेस्ट्रॉल'! कार्डियोलॉजिस्ट से जानिए दिल को सेहतमंद रखने क... सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च में शामिल 1,000 लोगों का निकला आपराधिक रिकॉर्ड; दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट म...

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बड़ा खुलासा! जेपी नड्डा ने दिया था धर्मेंद्र प्रधान का विभाग बदलने का ऑफर, सीजेपी ने सिरे से नकारा

नई दिल्ली: पेपर लीक मामले और तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार की बातचीत के दौरान एक बड़ा राजनीतिक खुलासा हुआ है। सूत्रों का दावा है कि वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की ओर से धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने की पेशकश की गई थी, लेकिन CJP के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए सीधे इस्तीफे की शर्त पर अड़े रहने का फैसला किया।

🤝 नड्डा और जितेंद्र सिंह ने संभाला था मोर्चा, 3 दौर की बैठकों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और गतिरोध समाप्त कराने के लिए दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों—भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह—को मोर्चे पर लगाया गया था।

दोनों पक्षों के बीच लगातार तीन दौर की मैराथन बैठकें आयोजित की गईं। हालांकि, तीसरे दौर की निर्णायक बैठक शुरू होने के कुछ ही समय पहले धर्मेंद्र प्रधान ने परिस्थितियों को देखते हुए अपने पद से औपचारिक इस्तीफा दे दिया था।

🏛️ ‘मंत्रालय बदलना PM का विशेषाधिकार’, वार्ताकारों का तर्क खारिज; प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की ओर से सीजेपी प्रतिनिधियों के सामने धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कोई अन्य मंत्रालय सौंपने की पेशकश की गई थी। सरकार की ओर से आए वार्ताकारों का तर्क था कि किसी भी मंत्री को पद से हटाना या उनका विभाग बदलना पूरी तरह से प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार (Prerogative) होता है।

लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र नेताओं ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अमान्य कर दिया। प्रधान के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.