Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
नेपाल के पीएम बालेन शाह की मनमानी पर बवाल! राष्ट्रपति से बनाई दूरी, जजों पर इस्तीफे का दबाव बनाने का... सैमसंग बजट स्मार्टफोन मार्केट में करने जा रहा है बड़ा धमाका, जल्द लॉन्च होंगे Galaxy A08, M08 और F08... टर्मिनल कैंसर से पीड़ित पिता ने 4 साल के बेटे को दी सीख, वायरल वीडियो के बाद जानें इस गंभीर बीमारी क... नाग पंचमी पर क्यों चढ़ाया जाता है नाग देवता को दूध? जानिए धार्मिक मान्यता और शास्त्रों का सच लोन की ईएमआई न भरने पर पुलिस घर आएगी? जानें कानूनी अधिकार और रिकवरी एजेंटों की धमकी से बचने का तरीका संसद से 'वंदे मातरम बिल 2026' को मिली मंजूरी! राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर होगी 3 साल तक की जेल एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान 'मनुस्मृति' टिप्पणी पर राज्यसभा में हंगामा, खरगे का बयान रिकॉर्ड... चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: "क्या आज सच में जज ही जजों को चुनते हैं... दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने डाला वोट, बोले- "कमल खिलाने के लिए किया मतदान" MP में आदिवासियों पर कांग्रेस का बड़ा दांव! उमंग सिंघार की अगुवाई में टास्क फोर्स गठित, आंदोलन का बन...

जींद-सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन की चौंकाने वाली रिपोर्ट: कमाई से 12 गुना ज्यादा है संचालन खर्च, रोजाना हो रहा भारी घाटा

जींद/चंडीगढ़: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) वर्तमान में हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

हालांकि, इस अत्याधुनिक ट्रेन के संचालन में रोजाना 80 से 90 हजार रुपये केवल गैस पर खर्च हो रहे हैं, जबकि इसके विपरीत टिकटों से होने वाली दैनिक आय मात्र सात हजार रुपये के आसपास ही है। यानी ट्रेन की कुल कमाई के मुकाबले इसका परिचालन खर्च लगभग 12 गुना अधिक है।

⛽ प्रति किलोमीटर 500 रुपये आ रहा खर्च, रोजाना 90 हजार रुपये सिर्फ हाइड्रोजन गैस पर हो रहे व्यय

रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन में प्रति किलोमीटर लगभग 500 रुपये का भारी-भरकम खर्च आ रहा है।

जींद से सोनीपत के बीच ट्रेन की दूरी 160 किलोमीटर है, जिसके चलते केवल हाइड्रोजन गैस पर ही प्रतिदिन लगभग 80 से 90 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त ट्रेन के नियमित रखरखाव, तकनीकी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परिचालन खर्च इसमें अलग से शामिल हैं।

🚆 17 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी, तकनीकी टीमें कर रही हैं हर गतिविधि की निगरानी

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 17 जुलाई को जींद रेलवे स्टेशन से देश की इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इस ऐतिहासिक शुरुआत के बाद से ही ट्रेन का नियमित संचालन जारी है। रेलवे की उच्चस्तरीय तकनीकी टीमें ट्रेन की रफ्तार, ईंधन की खपत, सुरक्षा प्रणाली और परिचालन क्षमता की लगातार सूक्ष्म निगरानी कर रही हैं। यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 7:40 बजे जींद स्टेशन से सोनीपत के लिए रवाना होती है, और अब तक कुल 307 यात्री इस ट्रेन में सफर कर चुके हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.