किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले अंतर्गत आने वाले चतरू इलाके में शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे अचानक बादल फटने (Cloudburst) की भयावह घटना सामने आई है।
इस घटना के तुरंत बाद पहाड़ी नदी-नालों में आई अचानक बाढ़ (Flash Flood) के कारण कई वाहन बह गए और स्थानीय संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल राजस्व व राहत विभाग की टीमों द्वारा संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। राहत और संतोष की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक किसी भी नागरिक के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
घटना के बाद एहतियात और सुरक्षा के दृष्टिकोण से चतरू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। स्थानीय जिला प्रशासन हालात पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य जारी है।
🏬 कमर्शियल दुकानों को हुआ नुकसान, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने डीसी से की बात
इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर स्थिति की विस्तृत जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया, “आज तड़के चतरू क्षेत्र में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मैंने तुरंत किश्तवाड़ के जिलाधिकारी (DC) पंकज कुमार शर्मा से दूरभाष पर बात की। राहत की बात है कि किसी जान-माल की हानि की खबर नहीं है। कुछ कमर्शियल दुकानों और बुनियादी ढांचे को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिसके लिए प्रभावितों को नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।”
📡 किश्तवाड़ और मछैल में शुरू हुआ ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’, पाडर में लगेगा ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को आश्वस्त करते हुए प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष चसोती क्षेत्र में हुई बादल फटने की घटना के बाद, भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) ने किश्तवाड़ और मछैल माता यात्रा मार्ग पर दो अत्याधुनिक “अर्ली वार्निंग सिस्टम” (Early Warning System – EWS) स्थापित किए हैं।
इसके अतिरिक्त, मौसम संबंधी सटीक और त्वरित पूर्वानुमान उपलब्ध कराने के लिए पाडर इलाके में एक “ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन” (AWS) स्थापित करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में चल रही है।
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