बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के खिलाफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस का हल्ला बोल: 4 चरणों में होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन, जानें पूरा शेड्यूल
रायपुर (छत्तीसगढ़): प्रदेश में बिजली की लगातार बढ़ती कीमतों, स्मार्ट मीटरों की अनधिकृत स्थापना और अत्यधिक आ रहे बिजली बिलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ विशाल प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया है।
शुक्रवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार बिजली महंगी कर प्रदेश की आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पहले भूपेश बघेल सरकार की अत्यंत लोकप्रिय ‘400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना’ बंद की और उसके बाद लगातार विद्युत दरों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर आम जनमानस की कमर तोड़ दी है।
📢 4 चरणों में होगा कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन, स्मार्ट मीटर हटने तक जारी रहेगा संघर्ष
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि कांग्रेस पार्टी चार प्रमुख चरणों में पूरे प्रदेश में आंदोलन संचालित करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य बिजली के बढ़े हुए दाम तत्काल वापस कराना, प्रदेश से स्मार्ट मीटर हटवाना और ‘400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना’ को पुनः लागू कराना है। इसके लिए प्रदेशभर के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता आम जनता के बीच जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध दर्ज कराएंगे।
📰 पहले चरण में सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता, सरकार से दाम वापस लेने की मांग
दीपक बैज ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत 1 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।
इन पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई अनुचित वृद्धि का कड़ा विरोध किया जाएगा तथा सरकार से बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की जाएगी। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि बिजली जैसी अनिवार्य और मूलभूत सुविधा को अत्यधिक महंगा करना जनहित के सर्वथा विपरीत है।
✍️ दूसरे चरण में घर-घर हस्ताक्षर अभियान, 2 महीने तक आवेदन भरवाएंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
आंदोलन के दूसरे चरण की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर आम जनता से सीधा संवाद करेंगे।
इस दौरान आम नागरिकों से ‘स्मार्ट मीटर हटाने’ की मांग वाले औपचारिक आवेदन भरवाए जाएंगे तथा बढ़ी हुई दरों के विरोध में एक विशाल ‘हस्ताक्षर अभियान’ चलाया जाएगा। यह जन-अभियान लगातार दो महीने तक संचालित होगा ताकि अधिक से अधिक नागरिकों का समर्थन जुटाकर जन-आवाज को सरकार के कानों तक पहुंचाया जा सके।
🏢 2 महीने बाद जिला बिजली दफ्तरों का घेराव, सौंपी जाएगी पावती
दीपक बैज ने कहा कि दो महीने तक घर-घर जाकर आवेदन और विरोध-पत्र एकत्रित करने के उपरांत कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश के सभी जिलों में विद्युत विभाग (CSPDCL) के मुख्य कार्यालयों का घेराव करेंगे।
इस घेराव प्रदर्शन के दौरान जनता से प्राप्त सभी हस्ताक्षरित आवेदन बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे जाएंगे और उनकी विधिवत पावती (Receipt) ली जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि यदि इसके बावजूद जन-मांगों पर सरकार ध्यान नहीं देती, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
🏛️ अंतिम चरण में मुख्यमंत्री निवास का होगा घेराव, बैज बोले- ‘जवाब देना ही होगा’
पीसीसी प्रमुख दीपक बैज ने हुंकार भरते हुए कहा कि सभी जिलों में आवेदन जमा करने और उनकी पावती प्राप्त करने के बाद कांग्रेस पार्टी राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास (CM House) का घेराव करेगी।
दीपक बैज ने कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री स्वयं ऊर्जा मंत्री (बिजली मंत्री) का प्रभार भी संभाल रहे हैं, इसलिए जनता के इन वाजिब सवालों का जवाब उन्हें खुद देना होगा। उन्होंने दोहराया कि जब तक बिजली दरों में ठोस राहत नहीं मिलती और स्मार्ट मीटरों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष विराम नहीं लेगा।
📈 भाजपा सरकार में लगातार 5वीं बार बढ़ीं दरें, 12% फ्यूल सरचार्ज ने बिगाड़ा बजट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आंकड़ों के साथ आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जुलाई महीने से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की है।
वहीं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंपों की बिजली में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह लगातार पांचवीं बार बिजली की दरों में वृद्धि की गई है। इसके अतिरिक्त, पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (FPPAS) भी थोप दिया गया है, जिससे मासिक बिल अत्यधिक बढ़ गए हैं।
📊 31.23 प्रतिशत तक महंगी हुई बिजली, मनमाने लोड और पेनल्टी से जनता परेशान
दीपक बैज ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक बिजली की कुल दरों में 31.23 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि की जा चुकी है, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के 5 वर्षों के कार्यकाल में कुल मिलाकर केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। नियमावली को ताक पर रखकर उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना ही उनके कनेक्शन का अनुबंध भार (Sanctioned Load) स्वतः बढ़ा दिया जाता है और फिर उसी आधार पर भारी पेनल्टी जोड़कर बिल थमाए जा रहे हैं।
⚠️ स्मार्ट मीटर पर अडानी कंपनी का दबदबा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के बयान का दिया हवाला
दीपक बैज ने स्मार्ट मीटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये मीटर वास्तविक खपत से कहीं अधिक की रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अडानी कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसके कारण लोगों के बिल अत्यधिक आ रहे हैं।
संसद के सत्र का संदर्भ देते हुए बैज ने कहा कि अप्रैल 2026 के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा सकते, यह पूरी तरह वैकल्पिक है। उन्होंने सवाल किया कि जब संसद में केंद्र सरकार इसे वैकल्पिक बता रही है, तो छत्तीसगढ़ में आम जनता पर स्मार्ट मीटर जबरन क्यों थोपे जा रहे हैं? उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार को भी इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।

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