धनबाद (झारखंड): धनबाद जिले के अंतर्गत आने वाले कतरास स्थित छाताबाद अंचल में शुक्रवार को घटित एक भयानक भू-धंसान की घटना ने कई परिवारों का आशियाना ध्वस्त कर दिया।
अचानक धराशायी हुई जमीन के कारण लगभग 15 रिहायशी मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 20 से अधिक अन्य मकान इस भयानक आपदा की सीधी चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद समूचे क्षेत्र में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल निर्मित हो गया। जिन मकानों में कुछ समय पूर्व तक जीवन की चहल-पहल थी, वे मिनटों में मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। हालांकि, इस भयानक विपदा के बीच स्थानीय युवाओं के साहस और मानवीय संवेदना की अनुकरणीय मिसाल देखने को मिली।
🪜 मलबे के भीतर से आ रही थी कराहने की आवाज, जांबाज युवाओं ने नजमा खातून को जीवित निकाला
भू-धंसान के पश्चात् जमींदोज हुए मलबे के नीचे एक महिला के दबे होने की सूचना प्राप्त हुई।
मलबे के भीतर से जीवन रक्षा हेतु लगातार आ रही आवाज सुनकर वहां सामान खोज रहे स्थानीय युवक तत्काल हरकत में आए। युवाओं ने बिना अपनी जान की परवाह किए मलबे का ढेर हटाना प्रारंभ कर दिया। अत्यधिक जोखिम भरे इस बचाव प्रयास के फलस्वरूप मलबे से महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। जीवित बाहर निकाली गई महिला की पहचान नजमा खातून के रूप में हुई है।
⚠️ हर क्षण मंडरा रहा था नए धंसान का खतरा, सीढ़ी लगाकर बचाई गई एक अन्य महिला व युवती की जान
दूसरी तरफ, स्थानीय साहसी युवाओं की एक टीम लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी रही।
जमीन में समा चुके मकानों के गहरे गड्ढों तक पहुंचने हेतु सीढ़ियों का प्रयोग किया गया। मलबा हटाने की प्रक्रिया के दौरान हर क्षण पुनः भू-धंसान होने का अत्यधिक खतरा बना हुआ था, किंतु युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे रास्ता बनाते हुए एक अन्य महिला तथा एक युवती को भी जमींदोज हो चुके घर के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
🏥 स्थानीय पार्षद मो. शाहबुद्दीन ने सराहा युवाओं का साहस, प्राथमिक उपचार के बाद महिला डिस्चार्ज
मामले में जानकारी प्रदान करते हुए स्थानीय वार्ड पार्षद मो. शाहबुद्दीन ने बताया कि नजमा खातून मलबे में बुरी तरह फंसी हुई थीं।
स्थानीय युवाओं की त्वरित सूझबूझ और जांबाजी के बल पर ही उनकी अमूल्य जान बचाई जा सकी। मलबे से निकाले जाने के तुरंत बाद पीड़ित महिला को इलाज हेतु निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक चिकित्सीय उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। इस आपदा में कई अन्य लोग भी मामूली रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सहायता दी जा रही है।
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