उज्जैन महाकाल मंदिर: भस्म आरती में उमड़ी हजारों भक्तों की भीड़, जानें कैसे हुआ बाबा का पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजन
उज्जैन (मध्य प्रदेश): पवित्र श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर विश्वप्रसिद्ध उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के से ही मंदिर प्रांगण में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। बाबा महाकाल अपने प्रिय भक्तों को अलौकिक दर्शन देने हेतु रात्रि 2:30 बजे जागे। तत्पश्चात आयोजित हुई दिव्य भस्म आरती के दौरान संपूर्ण महाकाल मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
🛕 वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर खुले गर्भगृह के पट, पंचामृत और फलों के रस से हुआ महाअभिषेक
श्रावण कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर आयोजित होने वाली पारंपरिक भस्म आरती का शुभारंभ मध्यरात्रि पश्चात लगभग 2:30 बजे हुआ।
मंदिर के मुख्य पट खोलने से पूर्व परंपरा अनुसार भगवान वीरभद्र से आज्ञा ली गई। इसके उपरांत गर्भगृह में विराजमान माता पार्वती, भगवान श्री गणेश तथा कार्तिकेय जी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। तत्पश्चात बाबा महाकाल का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद व शक्कर) तथा विभिन्न फलों के ताजे रसों से महाअभिषेक संपन्न हुआ और अनवरत जलधारा अर्पित की गई।
🌸 दूल्हा स्वरूप में सजाया गया बाबा महाकाल का अलौकिक रूप, कपूर आरती से भक्तिमय हुआ प्रांगण
मुख्य पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर देवाधिदेव महादेव को ‘हरि ओम’ का पवित्र जल अर्पित किया गया।
इसके पश्चात मंदिर के पुजारियों व पुरोहितों ने बाबा महाकाल का अत्यंत दिव्य और मनमोहक श्रृंगार किया। बाबा महाकाल को एक दिव्य दूल्हे के अलौकिक स्वरूप में सजाया गया और तत्पश्चात भव्य कपूर आरती की गई। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु बाबा के इस दिव्य व अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भावविभोर तथा नतमस्तक नजर आए।
🥁 ढोल-नगाड़ों और मंजीरों की गूंज के बीच महानिर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित आकाश शर्मा ने बताया कि श्रावण के दूसरे सोमवार के विशेष अवसर पर बाबा महाकाल का विशेष पूजन, महाअभिषेक और श्रृंगार संपन्न किया गया।
भस्म आरती के समय मंदिर के नंदी हॉल व गर्भगृह में झांझ, मंजीरे और ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण का यह दृश्य वहां उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और असीम श्रद्धा का केंद्र बना रहा।
🚶♂️ चलित भस्म आरती के जरिए हजारों भक्तों ने किए सुलभ दर्शन, महाकाल की कृपा से खिले चेहरे
श्रावण के दूसरे सोमवार पर ‘चलित भस्म आरती’ व्यवस्था के माध्यम से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन का लाभ उठाया।
बाबा महाकाल के भस्म आरती दर्शन हेतु देश के कोने-कोने से आए भक्त देर रात से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारों में व्यवस्थित खड़े हो गए थे। घंटों प्रतीक्षा के उपरांत जब उन्हें चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा के दर्शन प्राप्त हुए, तो भक्तों के चेहरों पर अद्भुत प्रसन्नता दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने इसे बाबा महाकाल की असीम अनुकंपा बताया। सावन के दूसरे सोमवार पर उमड़ी इस अपार जनमेदिनी ने उज्जैन नगरी में अवंतिकानाथ के प्रति सनातन विश्वास को पुनः रेखांकित किया।
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