महासमुंद में बदहाल सड़कों के खिलाफ उग्र हुआ ‘पटरी पार संघर्ष मोर्चा’, धरना-प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि बारिश के दौरान गहरे गड्ढों में गंदा पानी भर जाने के कारण सड़क और नाली का अंतर पूरी तरह समाप्त हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों व राहगीरों के लिए जानलेवा दुर्घटनाओं का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
पटरी पार संघर्ष मोर्चा ने मांग रखी है कि गुलशन चौक एवं नयापारा सहित समस्त जर्जर मार्गों के पुनर्निर्माण की स्वीकृति जारी कर कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 7 दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा ठोस एवं लिखित रूप से सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र चक्काजाम आंदोलन एवं क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। स्थानीय पार्षदों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) को कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
🚧 48 घंटे के भीतर पैचवर्क शुरू करने की मांग, जानिए क्यों महत्वपूर्ण है महासमुंद-तुमगांव मार्ग
रहवासियों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि जब तक सड़कों का स्थायी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होता, तब तक जनहित में गड्ढों को भरने का पैचवर्क कार्य आगामी 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए।
उल्लेखनीय है कि महासमुंद-तुमगांव मार्ग अत्यधिक व्यस्ततम एवं रणनीतिक मार्ग है। शहर की करीब 40 प्रतिशत आबादी जो नयापारा, अयोध्या नगर और इमलीभाठा अंचल में निवास करती है, उनके लिए यही मुख्य आवागमन मार्ग है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले हजारों लोग भी इसी रास्ते महासमुंद शहर पहुंचते हैं। यह मार्ग नेशनल हाईवे-53 को भी जोड़ता है तथा इसी मार्ग से होकर बलौदाबाजार, सरायपाली और सारंगढ़ के लिए वाहनों की निर्बाध आवाजाही बनी रहती है।
💰 ₹19.86 करोड़ की लागत से चल रहा चौड़ीकरण कार्य, मगर गुलशन चौक से बेमचा तक चलना हुआ दुभर
ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से महासमुंद से तुमगांव तक ₹19.86 करोड़ की स्वीकृत लागत से 9.65 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का कार्य संचालित है, जो काफी हद तक पूर्णता की ओर है।
किंतु, गुलशन चौक से लेकर बेमचा तक का सड़क हिस्सा इतना अधिक जर्जर व जर्जर हो चुका है कि इस पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे निर्मित होने के कारण राहगीर और मासूम स्कूली बच्चे रोज दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिसको लेकर अब क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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