Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
EVM में टोटलाइजर से क्यों नहीं हो सकती वोटों की गिनती?: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से मां... किशनगंज: खकवा नदी के तेज बहाव में तैरकर जनाजा ले जाने की मजबूरी, ग्रामीणों ने डीएम और बिहार सरकार से... शिवपुरी में रहस्यमयी बीमारी का कहर: 10 दिनों में एक ही परिवार के 4 बच्चों की मौत, डेंगू-मलेरिया निगे... भारतीय मुसलमानों के अधिकारों के लिए 51 सदस्यीय राष्ट्रीय निगरानी समिति का गठन: नई दिल्ली में ऐलान अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान: श्रेयस अय्यर बने कप्तान, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी... 'सैयारा' फेम अनीत पड्डा की नई सीरीज 'हुंकार: द रोर' का टीजर रिलीज: जानें कहानी, स्टार कास्ट और OTT र... नेपाल में 180 km/h की रफ्तार से आई 'हिमालयी सुनामी': रसुवा-धाडिंग में भारी तबाही, सुरंगों में बचाव क... LIC के दो नए धमाकेदार प्लान: गारंटीड सेविंग्स के साथ मिलेगा प्योर लाइफ कवर, 7 सितंबर से शुरू होगी बि... UPI का नया रिकॉर्ड: अगस्त में ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन, कुल 2,451 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज; NPCI ने ... श्रीकृष्ण के सबसे प्रिय भोग माखन-मिश्री और पंचामृत की विधि; जानें मलाई से शुद्ध माखन बनाने का आसान न...

छत्तीसगढ़ में बिजली निजीकरण पर CM विष्णु देव साय का बड़ा बयान: ‘सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं, कांग्रेस फैला रही भ्रम’

रायपुर (छत्तीसगढ़): राज्य में बिजली व्यवस्था के निजीकरण को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की बिजली वितरण या उत्पादन व्यवस्था के निजीकरण की दूर-दूर तक कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के इन तमाम आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता के बीच अनावश्यक गलतफहमी और भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

📢 ‘सुनवाई महज एक रूटीन प्रक्रिया’: जनता को गुमराह न करने की नसीहत

मुख्यमंत्री के वक्तव्य के मुख्य बिंदु:

  • नियमित प्रक्रिया का हिस्सा: राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जिस जनसुनवाई या विधिक प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह वस्तुतः विद्युत नियामक आयोग की एक तय और सामान्य रूटीन प्रक्रिया है।

  • भ्रामक प्रचार पर रोक: मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सामान्य प्रशासनिक व विधिक प्रक्रियाओं को आधार बनाकर निजीकरण की तैयारी का रंग देना सर्वथा अनुचित और भ्रामक है।

  • उपभोक्ता हितों की रक्षा: राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.