Ranchi Municipal Corporation Boring Rules: रांची में बोरिंग के नियम सख्त, वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य; बिना अनुमति पर ₹1 लाख तक जुर्माना
रांची (झारखंड): शहर में तेजी से गिरते भूगर्भ जलस्तर और ग्रीष्मकाल में गहराने वाले गंभीर जल संकट की रोकथाम हेतु रांची नगर निगम (RMC) ने घरेलू उपयोग के लिए बोरिंग कराने के नियमों को अत्यंत कड़ा कर दिया है।
नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक आम सूचना के अनुसार, अब शहर के घरेलू उपभोक्ताओं एवं भवन स्वामियों को ट्यूबवेल अथवा बोरवेल खनन के लिए अधिकतम 4 इंच व्यास (डाया) तक की ही बोरिंग कराने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का बोरवेल कराने से पूर्व नगर निगम से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
🌧️ बोरिंग के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता: गिरते भूजल स्तर पर निगम का कड़ा कदम
पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन से जुड़ी शर्तें:
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हार्वेस्टिंग अनिवार्य: नगर निगम ने दो टूक स्पष्ट किया है कि जिन भवनों में वर्तमान में वर्षाजल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) का ढांचा मौजूद नहीं है, उन्हें 4 इंच बोरिंग की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वे अनिवार्य रूप से हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करेंगे।
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अनियंत्रित दोहन पर रोक: भारी रिग मशीनों और वाहनों के जरिए अंधाधुंध गहरी बोरिंग होने के कारण शहरी क्षेत्रों का जलस्तर रसातल में जा रहा है, जिससे गर्मियों में कई मोहल्लों में भीषण जल संकट खड़ा हो जाता है।
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गहराई की सूचना देना जरूरी: घरेलू उपयोग के लिए बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के जलस्तर के आधार पर निर्धारित होगी। खनन कार्य पूर्ण होने के पश्चात उसकी कुल गहराई और उपलब्ध जलस्तर का विवरण निगम को प्रस्तुत करना होगा।
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आवश्यक दस्तावेज: अनुमति हेतु आवेदक को पहचान पत्र, होल्डिंग टैक्स रसीद, जीपीएस युक्त फोटो तथा आवश्यक स्वामित्व दस्तावेज जमा करने होंगे। बोरिंग केवल निजी भूमि पर ही मान्य होगी; सरकारी भूमि, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
⏳ अनुमति मिलने के 15 दिनों के भीतर करानी होगी बोरिंग: अवधि बीतने पर आवेदन होगा निरस्त
समय-सीमा और खनन प्रक्रिया की शर्तें:
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15 दिनों की वैधता: नगर निगम द्वारा बोरिंग की अनुमति जारी होने की तिथि से ठीक 15 दिनों के भीतर खनन कार्य संपन्न कराना अनिवार्य होगा।
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स्वतः निरस्तीकरण: निर्धारित समयावधि के भीतर कार्य न कराने पर जारी की गई अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
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विशेष परिस्थिति: केवल अपरिहार्य या विशेष परिस्थितियों में ही उचित कारण दर्शाने पर 15 दिनों के बाद अतिरिक्त समय की अनुमति प्रदान की जाएगी।
💰 आवासीय व व्यावसायिक बोरिंग के लिए निर्धारित शुल्क संरचना: वर्गफीट के आधार पर तय की गई दरें
आधिकारिक अनुमति शुल्क का विवरण:
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आवासीय भवन (0 से 5,000 वर्गफीट): ₹2,500 अनुमति शुल्क।
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आवासीय भवन (5,000 वर्गफीट से अधिक): ₹5,000 अनुमति शुल्क।
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व्यावसायिक परिसर (0 से 1,000 वर्गफीट): ₹10,000 निर्धारित शुल्क।
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व्यावसायिक परिसर (1,000 वर्गफीट से अधिक): ₹10 प्रति वर्गफीट की दर से अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
⚠️ अवैध बोरिंग पर ₹25,000 से ₹1 लाख तक का भारी जुर्माना: सील करने की भी होगी कार्रवाई
दंडात्मक प्रावधान और नगर आयुक्त का सख्त संदेश:
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आवासीय पर जुर्माना: बिना पूर्व अनुमति के अवैध रूप से आवासीय बोरिंग कराने पर ₹25,000 का अर्थदंड लगाया जाएगा।
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व्यावसायिक पर जुर्माना: बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग हेतु बोरिंग कराने वाले प्रतिष्ठानों पर सीधे ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) तक का जुर्माना ठोका जाएगा तथा बोरिंग को तत्काल सील कर दिया जाएगा।
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नगर आयुक्त सुशांत गौरव का बयान: नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम का उद्देश्य बोरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकना है। जल संरक्षण सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है, अतः सभी नागरिक निर्धारित मानकों का पालन करें, अवैध बोरिंग से बचें और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध निगम बिना किसी रियायत के दंडात्मक कार्रवाई करेगा।
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