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Raebareli Accident News: रायबरेली में लेंटर डालते समय टूटी सपोर्टिंग पटरी, ऊंचाई से गिरे 6 मजदूर; मची चीख-पुकार

रायबरेली (उत्तर प्रदेश): जनपद के खीरों थाना क्षेत्र से एक गंभीर दुर्घटना की सूचना सामने आई है। शुक्रवार को यहाँ एक निर्माणाधीन मकान में छत की ढलाई (लेंटर डालने) का कार्य चल रहा था, तभी अचानक ढांचा संभालने वाली सपोर्टिंग पटरी (चाहली/सपोर्टिंग बीम) भरभराकर टूट गई। इस अप्रत्याशित हादसे में ऊंचाई पर खड़े होकर कार्य कर रहे लगभग आधा दर्जन (6) मजदूर सीधे नीचे जमीन पर आ गिरे। जमीन पर गिरते ही मौके पर भीषण चीख-पुकार मच गई और निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। प्राप्त विवरण के अनुसार, यह घटना खीरों थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी चौराहा के पास स्थित धर्मेश (पुत्र राम अवतार) के निर्माणाधीन आवास पर घटी।

⚠️ अचानक टूटी लकड़ी और लोहे की चाहली: संतुलन खोकर मलबे संग गिरे कामगार

हादसे का क्रम और तकनीकी कारण:

  • स्लैब ढलाई का कार्य: घटना के समय मजदूर कंक्रीट स्लैब को समतल और व्यवस्थित करने के लिए लकड़ी और लोहे की बनी अस्थायी मचान/पटरी पर चढ़कर काम कर रहे थे।

  • अत्यधिक भार से विफलता: प्रारंभिक जांच के अनुसार, अत्यधिक वजन अथवा सपोर्टिंग स्ट्रक्चर में तकनीकी कमजोरी के कारण मुख्य पटरी बीच से चटककर टूट गई।

  • संतुलन बिगड़ा: पटरी टूटते ही ऊपर मौजूद सभी श्रमिक अपना शारीरिक संतुलन खो बैठे और गीले कंक्रीट, लोहे के जाल व मलबे के साथ ऊंचाई से जमीन पर जा गिरे।

🏃‍♂️ स्थानीय ग्रामीणों ने शुरू किया राहत कार्य: मलबे से बाहर निकाले गए घायल श्रमिक

बचाव अभियान और प्राथमिक कदम:

  • चीख-पुकार सुनकर दौड़े लोग: तेज आवाज और मजदूरों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण, पड़ोसी और राहगीर तुरंत मदद के लिए निर्माण स्थल की ओर दौड़े।

  • मलबे से सुरक्षित निकाला: ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए भारी मलबे, लोहे की सरिया और कंक्रीट के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

  • गंभीर चोटें: काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया; ऊंचाई से गिरने के कारण कई श्रमिकों के सिर, हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें व फ्रैक्चर आए हैं।

  • पुलिस की आमद: सूचना मिलते ही खीरों थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान में सहयोग करते हुए स्थिति को संभाला।

🏥 घायलों को सीएचसी में कराया गया भर्ती: जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी

उपचार और स्वास्थ्य स्थिति:

  • अस्पताल में दाखिल: पुलिस और स्थानीय निवासियों की मदद से एम्बुलेंस एवं निजी गाड़ियों के माध्यम से सभी छह घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया।

  • प्राथमिक उपचार: सीएचसी के डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और ड्रेसिंग शुरू की।

  • उच्च केंद्र रेफर: जिन श्रमिकों की हालत नाजुक बनी हुई है, उन्हें बेहतर और सघन चिकित्सकीय निगरानी के लिए जिला अस्पताल (उच्च चिकित्सा केंद्र) रेफर करने की प्रक्रिया की जा रही है।

⚖️ निर्माण सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल: पुलिस ने शुरू की जांच

सुरक्षा व्यवस्था में चूक और विधिक प्रक्रिया:

  • सुरक्षा उपकरणों का अभाव: इस दर्दनाक दुर्घटना के पश्चात स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सुरक्षा लापरवाही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

  • पुख्ता इंतजाम न होने का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि कार्यदायी ठेकेदार अथवा गृहस्वामी द्वारा मजदूरों के लिए न तो सेफ्टी बेल्ट, न हेलमेट और न ही मजबूत मचान का उचित प्रबंध किया गया था।

  • जांच में जुटी पुलिस: खीरों थाना पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है और संरचनात्मक खामियों व लापरवाही के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

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