बसपा में उत्तराधिकारी की चर्चा के बीच नया सियासी मोड़: चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को दिया खुला न्योता
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के उत्तराधिकारी को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान सामने आया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा अपने छोटे भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों—आकाश आनंद और ईशान आनंद—को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से दूर रखते हुए कुमारी दीपिका आनंद पर भरोसा जताए जाने के बाद विपक्षी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी घटनाक्रम के बीच आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को सीधे अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दे दिया है। चंद्रशेखर ने कहा कि आकाश आनंद उनकी पार्टी में आ जाएं, ताकि दोनों मिलकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अधूरे मिशन को आगे बढ़ा सकें।
🤝 ‘बसपा में मेरे लिए रास्ते बंद, लेकिन आकाश के लिए मेरे दरवाजे खुले’: चंद्रशेखर आजाद
आकाश आनंद के समर्थन में चंद्रशेखर का रुख:
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छोटा भाई बताया: चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को अपना अनुज (छोटा भाई) बताते हुए कहा कि भले ही उनके बीच वैचारिक या राजनीतिक मतभेद रहे हों, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनके मन में आकाश के प्रति कोई दुर्भावना या बैर नहीं है।
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पार्टी में स्वागत: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बसपा के दरवाजे भले ही मेरे लिए बंद कर दिए गए हों, लेकिन मेरे और मेरी पार्टी के दरवाजे आकाश आनंद के लिए हमेशा खुले हैं।”
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पुरानी पेशकश का जिक्र: राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, चंद्रशेखर द्वारा आकाश आनंद को साथ आने का आह्वान कोई पहला मौका नहीं है; इससे पूर्व भी वे सार्वजनिक मंचों और साक्षात्कारों में दलित-बहुजन युवाओं को एक मंच पर लाने की वकालत करते रहे हैं।
☂️ लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों का प्रदर्शन: पांच दिनों से डटे हैं संविदाकर्मी
धरना स्थल का दृश्य और कर्मचारियों की मांगें:
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मानदेय वृद्धि की मांग: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हजारों पंचायत सहायक मानदेय बढ़ाने और सेवा शर्तों को नियमित करने की प्रमुख मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ के इको गार्डन मैदान में बीते 5 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।
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कड़कड़ाती धूप में छाते लेकर पहुंचे: राजधानी में तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद पंचायत सहायक सिर पर छाते तानकर अपने हक की आवाज बुलंद करते नजर आए।
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समर्थकों का भारी हुजूम: जैसे ही सांसद चंद्रशेखर आजाद प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंचे, मैदान में भारी भीड़ जमा हो गई और उन्हें देखने व सुनने के लिए कई युवा व समर्थक पास के पेड़ों पर चढ़ गए।
✊ ‘जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा’: चंद्रशेखर ने दिया पूरा समर्थन
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सांसद का ऐलान:
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आंदोलन को धार: चंद्रशेखर आजाद ने पंचायत सहायकों को भरोसा दिलाया कि उनके जायज अधिकारों की इस लड़ाई में वे संसद से लेकर सड़क तक उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
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मुद्दों की अनदेखी का आरोप: उन्होंने सरकार पर संविदा कर्मियों के शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले इन युवाओं को बुनियादी सम्मान और उचित मानदेय मिलना ही चाहिए।
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आर-पार का संकल्प: प्रदर्शनकारियों में ऊर्जा भरते हुए उन्होंने तंजिया और आक्रामक अंदाज में कहा कि जब तक सरकार इन नौजवानों की वाजिब मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन पूरी ताकत और एकजुटता के साथ जारी रहेगा।
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