Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Amritsar Crime News: अमृतसर के गोल्डन टेम्पल के पास शर्मनाक हरकत! होटल संचालक ने नाबालिग से की दुष्क... Tarn Taran News Update: सुबह 8 बजे ताले, 9 बजे आते हैं डॉक्टर! तरनतारन सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य स... Sunam Farmers Protest: सुनाम में उग्र हुआ किसान आंदोलन; बैरिकेड्स तोड़ रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्... Swatantra Bhardwaj Viral Video: जमानत के बाद फिर विवादों में आए स्वतंत्र भारद्वाज, चंद्रशेखर आजाद को... Delhi Political News: नई दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के डेढ़ साल बाद फिर उठा वोटर लिस्ट का मुद्दा, ज... DUSU Election 2026 Violence: डूसू चुनाव में हिंसा और तोड़फोड़ पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, दिए कड़ी कार्... Sudivya Kumar Sonu Shradh: 'जेएमएम के लिए अपूरणीय क्षति'; सुदिव्य सोनू के श्राद्ध कर्म में भावुक हुए... Chhattisgarh Shramik Yojana: ई-बाइक और ई-रिक्शा पर मिलेगी बड़ी सब्सिडी; सीएम विष्णुदेव साय ने की 3 ब... Chhattisgarh Wild Bear Terror: लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े भालू; धमतरी में फैली दहशत, वन वि... Dhamtari Ganeshotsav: धमतरी में बप्पा का अलौकिक रूप! 20 फीट लंबी 'शयन मुद्रा' में विराजे लेटे हुए गण...

Gwalior Joint Family Inspiration: ग्वालियर के जैन परिवार की अनूठी मिसाल; 41 सालों से एक ही छत और एक रसोई में रह रहे 5 भाई

ग्वालियर। आज के आधुनिक दौर में जहां एकल परिवारों (Nuclear Families) का चलन तेजी से बढ़ रहा है और संयुक्त परिवार बिखरते जा रहे हैं, वहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो परंपरा, सामंजस्य और आपसी प्रेम की अनूठी मिसाल कायम करते हैं।

ग्वालियर के शिंदे की छावनी में रहने वाला जैन परिवार ऐसा ही एक जीवंत उदाहरण है, जहां पिछले 41 वर्षों से एक ही रसोई, एक ही छत और आपसी आत्मीयता के साए में पूरा परिवार हंसी-खुशी जीवन बिता रहा है।

🌸 संस्कारों की छांव में बीता बचपन: मामा बाजार के प्रतिष्ठित परिवार में पली-बढ़ीं वीना जैन

मामा बाजार निवासी बाबूलाल जैन और महादेवी जैन के घर जन्मीं वीना जैन इस बड़े और सुसंस्कारित संयुक्त परिवार की रीढ़ की तरह हैं।

पांच बहनों और तीन भाइयों के इस भरे-पूरे परिवार में पली-बढ़ीं वीना को बचपन में दादा-दादी, चाचा और बुआ का भरपूर स्नेह मिला। उनके पिता का चाट का व्यवसाय होने के कारण समाज में उनकी एक अलग और प्रतिष्ठित पहचान थी। बचपन से ही संयुक्त परिवार के परिवेश में रहने के कारण वीना हमेशा सबकी लाडली रहीं और माता-पिता के संरक्षण में ही उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की।

💍 विवाह के बाद मिला विशाल परिवार: ससुराल में मिला सगे भाई-बहनों जैसा स्नेह

आज से 41 वर्ष पूर्व वीना जी का विवाह ग्वालियर के शिंदे की छावनी निवासी शासकीय सेवारत स्वर्गीय लाला राम जैन के चौथे पुत्र विनोद जैन के साथ हुआ।

विवाह के बाद जब वह वधू बनकर ससुराल आईं, तो उन्हें ससुर लाला राम और सास रामकली जैन के अलावा एक विशाल और स्नेहिल परिवार का आंचल मिला। ससुराल में तीन जेठ-जेठानी, एक देवर और एक ननद का यह बड़ा परिवार उनके लिए पूरी दुनिया बन गया। जेठ सगुन चंद, प्रमोद जैन और प्रभात जैन ने उन्हें सगे भाइयों जैसा प्रेम दिया, तो वहीं जेठानी विमला जैन, स्नेहलता जैन और मिथलेश जैन ने उन्हें हमेशा छोटी बहन का स्थान दिया।

🍽️ एक ही रसोई और हर दिन एक त्योहार: भाइयों के बीच अटूट स्नेह और समझदारी

विवाह के बाद ससुराल में सभी सदस्यों के साथ एक ही छत के नीचे रहने का अनुभव बेहद अनोखा रहा है।

पुश्तैनी मकान की एक ही रसोई में पूरे परिवार के लिए भोजन तैयार होता है। घर का हर उत्सव, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, किसी बड़े त्योहार की तरह मनाया जाता है। परिवार के सभी भाई अपने सेवाकाल से सेवानिवृत्त हो चुके हैं—जैसे बड़े जेठ सगुन चंद प्राइवेट फैक्ट्री से, प्रमोद जैन शिक्षक पद से और प्रभात जैन मोतीमहल कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं। भाइयों के बीच अटूट स्नेह और आपसी समझ का ही नतीजा है कि वे आज अलग होने के बजाय एक साथ ही खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं।

👨‍👩‍👧‍👦 पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ता आत्मीयता का दायरा: भतीजे-भतीजियां देती हैं ‘छोटी मां’ का दर्जा

इस बड़े परिवार में बच्चों की उपस्थिति से घर हमेशा गुलजार रहा है।

बड़े जेठ-जेठानी के दो बेटे और एक बेटी हैं, दूसरे नंबर के जेठ-जेठानी की दो बेटियां और एक बेटा है, और तीसरे नंबर के जेठ-जेठानी के भी दो बेटियां और एक बेटा हैं। वीना जी और विनोद जी के तीन बेटे—लवीराज, सौरभ और गौरव हैं। सौरभ के विवाह के बाद परिवार में वधू खुशबू के आने से खुशियां और बढ़ गई हैं। खास बात यह है कि परिवार के सभी भतीजे-भतीजी वीना जी को अपनी छोटी मां की तरह अगाध सम्मान देते हैं। जिस तरह पांचों भाइयों में अटूट प्रेम है, ठीक उसी तरह सभी जेठानियां भी आपस में सगी बहनों की तरह स्नेह से रहती हैं।

❤️ बहन की बेटी को मानकर पाला: बेटी की कमी को बड़े प्रेम से किया पूरा

परिवार में अपनी बेटी न होने की कसक को वीना जी ने एक खूबसूरत मिसाल पेश कर दूर किया।

उन्होंने अपनी बहन की बेटी रश्मि को अपनी ही बेटी मानकर उसका पालन-पोषण किया और बड़े ही प्रेम से उसका विवाह संपन्न कराया। आज 41 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस भरे-पूरे परिवार का एक साथ रहना समाज के लिए एक अनूठा और प्रेरणादायी अहसास कराता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.